कैसे अहमदाबाद से मात्र तीन घंटे में दिल्ली के एक निजी अस्पताल में पहुंच गया फेफड़ा, सफल रहा प्रत्यारोपण

 

ग्रीन कारिडोर बनाकर फेफड़ा दिल्ली के आइजीआइ एयरपोर्ट पहुंचाया गया।
गुजरात के अहमदाबाद से प्रत्यारोपण के लिए ग्रीन कारिडोर के जरिये मात्र तीन घंटे में फेफड़ा दिल्ली के साकेत स्थित मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल पहुंचाया गया। इस 950 किलोमीटर की दूरी को तय करने के लिए अहमदाबाद व दिल्ली में ग्रीन कारिडोर बनाया गया था।

नई दिल्ली, संवाददाता। गुजरात के अहमदाबाद से प्रत्यारोपण के लिए ग्रीन कारिडोर के जरिये मात्र तीन घंटे में फेफड़ा दिल्ली के साकेत स्थित मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल पहुंचाया गया। इस 950 किलोमीटर की दूरी को तय करने के लिए अहमदाबाद व दिल्ली में ग्रीन कारिडोर बनाया गया था, ताकि फेफड़ों को निर्बाध रूप से ले जाया जा सके। अहमदाबाद में सिविल अस्पताल से हवाई अड्डे के बीच ग्रीन कारिडोर बनाकर फेफड़ा दिल्ली के आइजीआइ एयरपोर्ट पहुंचाया गया।

आइजीआइ पर इंतजार कर रही एक एंबुलेंस ने डोनर के फेफड़े को साकेत के मैक्स अस्पताल पहुंचाया। इसके लिए एयरपोर्ट से मैक्स तक भी ग्रीन कारिडोर बनाया गया था। दरअसल, फेफड़े को डोनर के शरीर से निकालने के बाद उसे आठ घंटे के अंदर रिसीवर के शरीर में प्रत्यारोपित किया जाना था। राष्ट्रीय अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (एनओटीटीओ), गुजरात पुलिस और दिल्ली पुलिस के बीच बने बेहतर तालमेल से फेफड़ा समय पर अस्पताल पहुंचा।

दरअसल, उत्तर प्रदेश के मेरठ निवासी ज्ञानचंद्र कई वर्ष से क्रानिक आब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) से पीडि़त थे। दान किए गए फेफड़े अहमदाबाद के 44 वर्षीय व्यक्ति के थे, जिन्हें ब्रेन हैमरेज के बाद ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया था। मैक्स अस्पताल के एसोसिएट डायरेक्टर, एडल्ट सीटीवीएस, हार्ट एंड लंग ट्रांसप्लांट स्पेशलिस्ट डा. राहुल चंदोला के नेतृत्व में 15 डाक्टरों की टीम ने नौ घंटे में फेफड़ा प्रत्यारोपण किया।