आनलाइन वोटर आइडी कार्ड बनवाने के लिए करना चाहते हैं आवेदन तो पढ़ ले ये जरूरी खबर

 

वोटर आइडी कार्ड बनवाने का झांसा देते थे और पैसे ठग लेते थे।
मध्य जिले की साइबर सेल थाना पुलिस ने फर्जी सरकारी वेबसाइट बनाकर देशभर में 10 हजार से अधिक लोगों से लाखों की ठगी करने वाले दो ठगों को गिरफ्तार किया है। ये लोग आनलाइन वोटर आइडी कार्ड बनवाने के नाम पर ठगते थे।

नई दिल्ली, संवाददाता। मध्य जिले की साइबर सेल थाना पुलिस ने फर्जी सरकारी वेबसाइट बनाकर देशभर में 10 हजार से अधिक लोगों से लाखों की ठगी करने वाले दो ठगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों में उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के रजबपुर थानाक्षेत्र के खट्टा गांव निवासी अंकित कुमार व मुरादाबाद जिले के बसंत विहार इलाके के कुशलपुर निवासी मनमोहन सिंह हैं। ये दोनों 12वीं तक ही पढ़े हैं। अब तक की जांच में पुलिस को पता चला है कि आरोपित फर्जी वेबसाइट पर 650 रुपये में वोटर आइडी कार्ड बनवाने का झांसा देते थे।

फिलहाल, पुलिस मामले में शामिल मुख्य आरोपित कनव कपूर की तलाश कर रही है। कनव ने ही फर्जी वेबसाइट बनाई थी। जिला पुलिस उपायुक्त श्वेता चौहान के मुताबिक, वोटर आइडी कार्ड बनवाने को लेकर आनलाइन ठगी का मामला सामने आया था। पीडि़त ने बताया कि उन्होंने इंटरनेट पर सर्च कर वोटर कार्ड बनवाने की एक सरकारी वेबसाइट देखी। उसमें 650 रुपये आनलाइन जमा किया। उनसे कहा गया कि 15 दिन में वोटर आइडी कार्ड बन जाएगा। 15 दिन बाद भी उनका कार्ड नहीं बना। मामले की जांच के लिए इंस्पेक्टर जगदीश कुमार के नेतृत्व में एसआइ कमलेश कुमार, अली अकरम, एएसआइ सिरमोहर ¨सह समेत अन्य पुलिस कर्मियों की टीम का गठन किया गया।

जांच के क्रम में सबसे पहले पुलिस ने बैंक व पेमेंट गेटवे की जांच की। इसमें पता चला कि उक्त पेमेंट टीटू साइबर कैफे के नाम पर पंजीकृत था। इसके आधार पर पुलिस ने मनमोहन ¨सह को पकड़ा। उससे पूछताछ के बाद अंकित कुमार को पकड़ा गया। दोनों से पूछताछ में पता चला कि नोएडा निवासी कनव कपूर ने यह फर्जी शुरू किया था। उसी ने फर्जी वेबसाइट बनाई थी। अंकित व मनमोहन की मुलाकात कनव से नौकरी को लेकर नोएडा में हुई थी। फिलहाल, पुलिस कनव की तलाश कर रही है।