डिप्टी सीएम सुखजिंदर रंधावा के बेअदबी मामले पर बयान से ओपी सोनी ने झाड़ा पल्ला, बोले- यह उनकी निजी राय

 


जालंधर में डिप्टी सीएम ओपी सोनी ने अपने समकक्ष के बयान का समर्थन करने से इनकार दिया।
उपमुख्यमंत्री ओम प्रकाश सोनी ने डिप्टी सीएम सुखविंदर रंधावा के उस बयान से पल्ला झाड़ लिया है जिसमें उन्होंने कहा था कि सरकार के पास समय कम न होता तो वह बेअदबी मामले में फौरी कार्रवाई करवा देते।

संवाददाता, जालंधर। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में मची घमासान थमने का नाम नहीं ले रही है। खुद वरिष्ठ कांग्रेस नेता एक-दूसरे के बयानों से पल्ला झाड़ रहे हैं। सोमवार को पंजाब के उपमुख्यमंत्री ओम प्रकाश सोनी ने अपने समकक्ष डिप्टी सीएम सुखविंदर सिंह रंधावा के उस बयान से पल्ला झाड़ लिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि सरकार के पास समय कम न होता तो वह बेअदबी मामले में बड़े नेताओं की गिरफ्तारी करवा देते।

ओपी सोनी ने कहा कि यह डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा का निजी बयान हो सकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी मामले में गिरफ्तारी के लिए सभी प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है। कानून का पालन करना होता है। इस मामले में तो कोर्ट अपना काम कर रही है। ऐसे में जब तक वहां से निर्णय नहीं होता, तब तक इस पर कुछ नहीं कहा जा सकता।

वहीं, राणा गुरजीत सिंह के डिप्टी सीएम रंधावा के गृह विभाग में एसएसपी की नियुक्ति के लिए लाखों रुपये की वसूली के आरोपों पर उन्होंने कहा कि जितनी बात मीडिया में आ रही है, उतनी बात असल में नहीं है। प्रेस कांफ्रेंस से पहले ओपी सोनी ने शहर और देहात इलाकों में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया है कि सभी विकास कार्य में चुनाव से पहले पूरे हो जाने चाहिए। बता दें कि एक दिन पहले पंजाब कांग्रेस  प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू ने दावा किया था कि अगर पावर होती तो वे जीजा-साले को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा देते। उनका संकेत अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल और पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम मजीठिया की ओर था। सिद्धू ने यह भी दावा किया कि वह पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष जरूर हैं लेकिन उन्हें जनरल सेक्रेटरी नियुक्त करने तक का अधिकार नहीं है।