उत्‍तराखंड के पूर्व मुख्‍यमंत्री तीरथ सिंह रावत बोले- हरीश रावत ने पंजाब से कुछ सीखा है, उन्हें आराम करना चाहिए

 

उत्‍तराखंड के पूर्व मुख्‍यमंत्री और गढ़वाल सांसद तीरथ सिंह रावत।
उत्‍तराखंड के पूर्व मुख्‍यमंत्री और गढ़वाल सांसद तीरथ सिंह रावत ने हरीश रावत के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्‍होंने कहा कि हरीश रावत ने पंजाब से कुछ सीखा है। जिस तरह से वह अपना दर्द व्यक्त कर रहे हैं मुझे लगता है कि उन्हें थोड़ा आराम करना चाहिए।

संवाददाता, देहरादून।उत्‍तराखंड के पूर्व मुख्‍यमंत्री और गढ़वाल सांसद तीरथ सिंह रावत ने कहा कि हरीश रावत एक वरिष्ठ कांग्रेसी नेता हैं। वह जो कुछ भी कहते हैं उसमें कुछ ना कुछ सार जरूर होता है। उनका बयान उनके दर्द को दर्शाता है। जब वे कहते हैं कि उनकी पार्टी के लोग उन्हें दबाने की कोशिश कर रहे हैं। जो पार्टी बरकरार नहीं रह सकती, वह चुनाव कैसे लड़ेगी? इससे बीजेपी को फायदा होगा। उन्‍होंने कहा कि ऐसा लगता है कि हरीश रावत ने पंजाब की हालात से कुछ सीखा है... जिस तरह से वह अपना दर्द व्यक्त कर रहे हैं, मुझे लगता है कि उन्हें थोड़ा आराम करना चाहिए।उत्तराखंड में वर्ष 2022 विधानसभा चुनाव की घोषणा से ठीक पहले कांग्रेस प्रदेश चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के ट्वीट कांग्रेस में भूचाल ला दिया। उन्‍होंने ट्वीट में अपने ही पार्टी के संगठन पर सहयोग न करने का आरोप लगाया है।

जानिए हरीश रावत ने क्‍या ट्वीट किया

हरीश रावत ने ट्वीट किया 'चुनाव रूपी समुद्र है न अजीब सी बात, चुनाव रूपी समुद्र को तैरना है, सहयोग के लिए संगठन का ढांचा अधिकांश स्थानों पर सहयोग का हाथ आगे बढ़ाने के बजाय या तो मुंह फेर करके खड़ा हो जा रहा है या नकारात्मक भूमिका निभा रहा है। जिस समुद्र में तैरना है,

सत्ता ने वहां कई मगरमच्छ छोड़ रखे हैं। जिनके आदेश पर तैरना है, उनके नुमाइंदे मेरे हाथ-पांव बांध रहे हैं। मन में बहुत बार विचार आ रहा है कि हरीश रावत अब बहुत हो गया, बहुत तैर लिये, अब विश्राम का समय है!

फिर चुपके से मन के एक कोने से आवाज उठ रही है "न दैन्यं न पलायनम्" बड़ी उपापोह की स्थिति में हूँ, नया वर्ष शायद रास्ता दिखा दे। मुझे विश्वास है कि भगवान केदारनाथ जी इस स्थिति में मेरा मार्गदर्शन करेंगे।