कोरोना के खिलाफ लड़ाई में पीएम मोदी की हुंकार, बोले- देश की रफ्तार को नहीं रोक सकती महामारी, पूरी ताकत से लड़ेंगे

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई को पूरे दमखम के साथ लड़ने की बात कही।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई को पूरे दमखम के साथ लड़ने की बात कही। उन्‍होंने कहा कि देश पूरी सावधानी और सतर्कता के साथ कोविड-19 महामारी से लड़ेगा और अपने राष्ट्रीय हितों को भी पूरा करेगा।

नई दिल्‍ली, एजेंसियां। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई को पूरे दमखम के साथ लड़ने की बात कही। उन्‍होंने कहा कि देश पूरी सावधानी और सतर्कता के साथ कोविड-19 महामारी से लड़ेगा और अपने राष्ट्रीय हितों को भी पूरा करेगा। पीएम-किसान के तहत वित्तीय लाभ की 10वीं किस्त जारी करने के मौके पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि साल 2022 में देश को अपनी गति में तेजी लानी होगी। वर्ष 2022 में हमें अपनी गति को और तेज करना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस साल हम अपनी आजादी के 75 वर्ष पूरे करेंगे। आज जब हम नव वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं तब बीते साल के अपने प्रयासों से प्रेरणा लेकर हमें नए संकल्पों की तरफ बढ़ना है। ये समय देश के संकल्पों की एक नई जीवंत यात्रा शुरू करने का है। मौजूदा वक्‍त में देश के सामने कोरोना की चुनौतियां हैं लेकिन महामारी भारत की रफ्तार नहीं रोक सकता है। भारत पूरी सावधानी और सतर्कता के साथ कोरोना से भी लड़ेगा और अपने राष्ट्रीय हितों को भी पूरा करेगा।

पीएम मोदी ने कहा कि कितने ही लोग देश के लिए अपना जीवन खपा रहे हैं। देश को बना रहे हैं। ये काम पहले भी करते थे लेकिन इन्हें पहचान देने का काम अभी हुआ है। हर भारतीय की शक्ति आज सामूहिक रूप में परिवर्तित होकर देश के विकास को नई गति और नई ऊर्जा दे रही है। आज हमारी अर्थव्यवस्था की विकास दर आठ फीसद से भी ज्यादा है। भारत में रिकार्ड विदेशी निवेश आया है। इतना ही नहीं हमारा विदेशी मुद्रा भंडार भी रिकार्ड स्तर पर पहुंचा है। GST कलेक्शन में पुराने रिकार्ड ध्वस्त हो गए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10.09 करोड़ किसानों को पीएम-किसान योजना के तहत 20,900 करोड़ रुपये की 10वीं किस्त जारी की। उन्‍होंने यह भी कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि भारत के किसानों का बहुत बड़ा संबल बनी है। हमारी धरती को बंजर होने से बचाने का एक बड़ा तरीका है- केमिकल मुक्त खेती इसलिए बीते वर्ष में देश ने एक और दूरदर्शी प्रयास शुरू किया है। ये प्रयास है- प्राकृतिक खेती का... फसलों के अवशेष हों, पराली हो, ऐसी हर चीज से भी किसानों को पैसे मिलें इसके लिए भी प्रयास शुरू किए गए हैं।