सुनवाई के दौरान बिस्तर पर लेटे थे पंजाब के पूर्व डीजीपी, दिल्ली की कोर्ट ने लगाई फटकार; पढ़िये और क्या कहा

 

सुनवाई में बिस्तर पर लेटे थे पंजाब के पूर्व डीजीपी, दिल्ली की कोर्ट ने लगाई फटकार; पढ़िये और क्या कहा
पंजाब के पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के दौरान सुनवाई में कोर्ट की मर्यादा भंग की। दिल्ली की कोर्ट में एक महीने के भीतर दूसरा मामला है जब जज को किसी को फटकार लगानी पड़ी। मामला हाई प्रोफाइल है इसलिए अब यह सुर्खियो में है।

​​​नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। दिल्ली की एक कोर्ट ने पंजाब के पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी को वर्चुअल पेशी (सुनवाई) के दौरान जमकर फटकार लगाई है। आरोप है कि 1994 के तिहरे हत्याकांड के आरोपित पंजाब के पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के दौरान सुनवाई में कोर्ट की मर्यादा भंग की। वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये चल रही सुनवाई के दौरान पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह बिस्तर पर लेटे पाए गए। इस पर कोर्ट पाने कड़ी नाराजगी जताई। नाराज कोर्ट ने सुमेध सिंह सैनी को भविष्य में अपने व्यवहार के प्रति सावधान रहने की चेतावनी दी है। बता दें कि इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट में वर्चुअल सुनवाई के दौरान बनियान में नजर आने पर आरोपित को फटकार लगाई थी। 

दिल्ली की कोर्ट में एक महीने के भीतर दूसरा मामला है जब जज को किसी को फटकार लगानी पड़ी। मामला हाई प्रोफाइल है, इसलिए अब यह सुर्खियो में है। सुमेध सैनी की हरकत से नाराज दिल्ली की विशेष सीबीआइ न्यायाधीश संजीव अग्रवाल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यवाही में भाग लेने के दौरान भविष्य में अपने व्यवहार के प्रति सावधान रहने और अदालत की मर्यादा बनाए रखने का निर्देश दिया है।

कोर्ट ने नहीं माना पूर्व डीजीपी के अस्वस्थ होने का तर्क

जागरण संवाददाता के मुतािबक, कोर्ट की फटकार पर सुमेध सिंह सैनी तर्क दिया कि वह अस्वस्थ हैं और बुखार से पीड़ित हैं। इसके चलते वह बिस्तर पर लेटे थे। इस पर कोर्ट ने नाराजगी भरे अंदाज में कहा कि पंजाब के पूर्व पुलिस प्रमुख ने इस संबंध में कोई मेडिकल सर्टिफिकेट पेश नहीं किया है।

यहां पर बता दें कि पंजाब के पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी और उनके तीन सहयोगी पुलिसकर्मियों पर 1994 के मामले में सीबीआइ ने अपहरण और हत्या का आरोप लगा है। आरोप है कि मार्च 1994 को लुधियाना के व्यवसायी विनोद कुमार, उनके बहनोई अशोक कुमार और उनके ड्राइवर मुख्तियार सिंह को कथित तौर पर लुधियाना के तत्कालीन एसएसपी सैनी की संलिप्तता के साथ अपहरण और अवैध रूप से हिरासत में लिया गया था। वहीं, परिवार को आरोप है कि तीनों की हत्या कर दी गई और अब तक उनके शव नहीं मिले हैं।