हरीश रावत प्रकरण के बाद कांग्रेस में अब बदल सकता है चुनावी टिकटों का समीकरण

 

हरीश रावत प्रकरण के बाद कांग्रेस में अब बदल सकता है चुनावी टिकटों का समीकरण
पूर्व मुख्यमंत्री व चुनाव अभियान संचालन समिति के अध्यक्ष हरीश रावत के ट्वीट के बाद कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति में चल रहे चर्चाओं के दौर आज ठहरने की पूरी उम्मीद है। दिल्ली में हाइकमान के सामने प्रदेश के सभी बड़े नेताओं की आज शुक्रवार को हाजिरी है।

 संवाददाता, हल्द्वानी : पूर्व मुख्यमंत्री व चुनाव अभियान संचालन समिति के अध्यक्ष हरीश रावत के ट्वीट के बाद कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति में चल रहे चर्चाओं के दौर आज ठहरने की पूरी उम्मीद है। दिल्ली में हाइकमान के सामने प्रदेश के सभी बड़े नेताओं की आज शुक्रवार को हाजिरी है।

बैठक में पूर्व सीएम हरीश रावत, प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष यशपाल आर्य भी शामिल होंगे। बुधवार को कांग्रेस के भीतर मचे घमासान की एक बड़ी वजह टिकट वितरण को लेकर बनी स्क्रीनिंग कमेटी भी थी। कमेटी प्रदेश की सभी 70 विधानसभाओं में दावेदारों का टेस्ट लेने के बाद रिपोर्ट भी तैयार कर चुकी है। ऐसे में चर्चा है कि दिल्ली की इस बैठक से टिकटों के समीकरण भी बदलेंगे।

बुधवार को हरीश रावत के एक ट्वीट ने कुमाऊं से लेकर गढ़वाल तक अपनी ही पार्टी में हलचल मचा दी थी। हरदा ने फेसबुक पोस्ट के जरिये कहा कि चुनाव रूपी समुद्र में तैरना है। लेकिन संगठन का ढांचा साथ नहीं दे रहा। कुछ जगहों पर नकारात्मक भूमिका भी निभा रहा है। इसके तुरंत बाद हरदा खेमे के लोग खुलकर उनके समर्थन में आ गए। जिसमें पूर्व राज्यसभा सदस्य प्रदीप टम्टा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष व जागेश्वर विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल और धारचूला विधायक हरीश धामी भी शामिल थे।

जबकि दूसरे खेमे से नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह के अलावा कोई खास प्रतिक्रिया नहीं आई। हालांकि, गुरुवार को हरदा के बयानों ने पार्टी की इस आंतरिक कलह को काफी हद तक शांत भी किया। लेकिन तब तक दिल्ली से शीर्ष नेतृत्व का बुलावा आ चुका था। आज दिल्ली में स्थानीय क्षत्रपों संग होने वाली बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा होंगी। सूत्रों के माने तो इसमें टिकटों का मामला सबसे अहम रहेगा।