आपके पास सीएनजी वाहन हैं तो ये खबर आपके लिए है, हर तीन माह बाद सीएनजी की टेस्‍टिंग जरूर कराएं वरना भरना पड़ेगा जुर्माना

 

हाथरस में सड़कों पर सीएनजी संचालित वाहन!।
जिले में अब सीएनजी संचालित वाहन चालकों को टेस्टिंग रिपोर्ट चेकिंग के दौरान दिखानी होगी। यह टेस्टिंग हर तीन माह बाद अधिकृत सेंटर से करानी होगी। इसके बिना वाहन संचालन मिलने पर चालक पर जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।

हाथरस, संवाददाता। जिले में अब सीएनजी संचालित वाहन चालकों को टेस्टिंग रिपोर्ट चेकिंग के दौरान दिखानी होगी। यह टेस्टिंग हर तीन माह बाद अधिकृत सेंटर से करानी होगी। इसके बिना वाहन संचालन मिलने पर चालक पर जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। दुघर्टनाओं को रोकने के लिए ही परिवहन विभाग द्वारा यह कदम उठाया गया है।

प्रदूषण रोकने के लिए सीएनजी को बढ़ावा दे रही सरकार प्रदूषण रोकने के लिए सरकार द्वारा सीएनजी को बढ़ावा दिया जा रहा है। अन्य प्रदेशों के साथ उत्तर प्रदेश में भी सीएनजी के वाहन बढ़ गए हैं। सबसे अधिक सीएनजी कार में लगाई जा रही है। चालकों ने वाहनों में किट के साथ सिलिंडर लगवा लिए हैं। पेट्रोल से सस्ता होने से ही इसको अधिक बढ़ावा दिया जा रहा है। मथुरा, अलीगढ़ व आगरा में सीएनजी होने के चलते जिले में भी इसके काफी वाहन संचालित हो रहे हैं। अब सीएनजी सिलिंडर लगे वाहनों को भी तीन महीने बाद हुई लीकेज की टेस्टिंग रिपोर्ट साथ रखनी होगी।

जिले में नहीं है हाइड्रो टेस्टिंग सेंटर

सीएनजी वाले वाहनों की संख्या जिले में करीब एक हजार से अधिक है। इनमें सबसे अधिक ईको व छोटी कार शामिल हैं। पेट्रोल वाले कारों में भी चालकों ने सीएनजी किट के साथ सिलिंडर लगवा लिए हैं। जिले में अभी तक एक भी हाइड्रो टेस्टिंग सेंटर नहीं बना है। सिलिंडर में लीकेज टेस्टिंग अलीगढ़, मथुरा व आगरा में होती है।

दुर्घटनाएं रोकने को हो रही टेस्टिंग

सीएनजी संचालित वाहनों में दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ही वाहनों में लीकेज टेस्टिंग रिपोर्ट मांगी जा रही है। लीकेज टेस्टिंग तीन माह बाद और पूरे सिलिंडर व किट की टेस्टिंग तीन साल बाद होनी जरूरी है। एआरओ प्रशासन नीतू सिंह ने बताया कि बिना टेस्टिंग प्रमाण पत्र के वाहन की फिटनेस नहीं होती। इससे सिलिंडर की पावर व लीकेज पता चलने से दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।