पुरानी पेंशन योजना की बहाली पर फैसले की आस, संसद में मंत्री ने बताई कहां अटकी है बात

 

इसकी सुगबुगाहट सुप्रीम कोर्ट का एक आदेश आने के बाद शुरू हुई।
सरकार कुछ केंद्रीय कर्मचारियों को New Pension Scheme (NPS) से Old Pension Scheme (OPS) में ला सकती है। इन कर्मचारियों में वे लोग शामिल होंगे जिनकी भर्ती के लिए विज्ञापन 31 दिसंबर 2003 को या उससे पहले जारी किए गए थे।

नई दिल्‍ली, बिजनेस डेस्‍क। सरकार कुछ केंद्रीय कर्मचारियों को New Pension Scheme (NPS) से Old Pension Scheme (OPS) में ला सकती है। इन कर्मचारियों में वे लोग शामिल होंगे, जिनकी भर्ती के लिए विज्ञापन 31 दिसंबर 2003 को या उससे पहले जारी किए गए थे। इसकी सुगबुगाहट सुप्रीम कोर्ट का एक आदेश आने के बाद शुरू हुई।

पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग से मांगी है राय

फाइनेंस मिनिस्‍ट्री में राज्‍यमंत्री डॉ. भगवत कराड ने राज्‍यसभा में कहा कि पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoP&PW) को केंद्र सरकार के कर्मचारियों (सिविल, रक्षा और रेलवे पेंशनभोगियों) को रिटायरमेंट बेनिफिट से संबंधित मामलों के समन्वय के लिए पॉलिसी तैयार करने का काम सौंपा गया है। विभाग से इस मामले में जल्‍द फैसला लेने का आग्रह भी किया गया है। 

एनपीएस से बाहर करने की सिफारिश

राज्‍यमंत्री से पूछा गया था कि क्या DoP&PW ने केंद्र सरकार के उन कर्मचारियों को NPS से बाहर करने के लिए वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के विचार मांगे हैं, जिनकी भर्ती के लिए विज्ञापन 31 दिसंबर 2003 को या उससे पहले जारी किए गए थे। क्‍योंकि सुप्रीम कोर्ट और दूसरे हाईकोर्ट के विभिन्न फैसलों के मद्देनजर ऐसे कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना के तहत कवर करने की बात आई है। उनसे यह भी पूछा गया था कि क्या डीएफएस ने उपरोक्त अधिकारियों को एनपीएस के दायरे से बाहर करने की सिफारिश की है?

पहले भी उठा था संसद में सवाल

बता दें कि संसद के शीतकालीन सत्र में यह सवाल दोबारा आया है। इससे पहले कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय में राज्य मंत्री और प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री डा. जितेंद्र सिंह ने कहा था कि इस मुद्दे पर कानून मंत्रालय से राय मांगी गई है, जवाब आने के बाद फैसला लिया जाएगा। डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया था कि सुप्रीम कोर्ट ने उन कर्मचारियों के हक में फैसला दिया था, जिन्‍होंने 1 जनवरी 2004 से पहले सरकारी सेवा के विज्ञापन पर अप्‍लाई किया और उनकी नियुक्ति हुई थी। लेकिन उन्‍हें NPS में शामिल किया गया था। OPS देने का फैसला आने के बाद सरकार ने कानून मंत्रालय से राय मांगी है। उन्‍होंने बताया कि DFS, Pension और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (डीओपी एंड पीडबल्यू) उन कर्मचारियों को एनपीएस के दायरे से बाहर करने के संबंध में सही फैसला ले सकता है।