संक्रमण दर बढ़ी तो राजधानी में फिर से बंद हो सकते हैं स्कूल, कालेज और अन्य शिक्षण संस्थान, जानिए अभी क्या है संक्रमित दर

 

सरोजनी नगर में भीड़भाड़ को लेकर वायरल वीडियो चिंता बढ़ाने वाले हैं।
अभी दिल्ली में संक्रमण दर 0.20 प्रतिशत है। कोरोना ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के मुताबिक यदि यह 0.5 प्रतिशत तक पहुंच गई तो स्कूल कालेज और शिक्षण संस्थान बंद करने पड़ेंगे। धार्मिक संस्थानों में श्रद्धालुओं को आने की इजाजत नहीं होगी। कहीं भी जमावड़ा नहीं होगा।

नई दिल्ली,  संवाददाता। ओमिक्रोन के बढ़ते मामलों ने बाजारों की चिंता बढ़ा दी है। इसको लेकर दुकानदारों में सतर्कता भी दिखाई देने लगी है। इसको लेकर बाजार संगठनों की ओर से फिर से दुकानदारों के लिए एडवाइजरी जारी करने के साथ ही कोरोना से बचाव के दिशानिर्देशों के प्रति जागरूक करने वाले स्टीकर दुकानों के बाहर लगाए जाने लगे हैं। इस बीच, बाजारों में शादी को लेकर खरीदारी प्रभावित दिखने लगी है तो जिला प्रशासन की ओर से लापरवाही की स्थिति में बाजारों को बंद कराने की चेतावनी दी जाने लगी है। इसमें सरोजनी नगर में भीड़भाड़ को लेकर वायरल वीडियो चिंता बढ़ाने वाले हैं।

अभी दिल्ली में संक्रमण दर 0.20 प्रतिशत है। कोरोना ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के मुताबिक यदि यह 0.5 प्रतिशत तक पहुंच गई तो स्कूल, कालेज और शिक्षण संस्थान बंद करने पड़ेंगे। धार्मिक संस्थानों में श्रद्धालुओं को आने की इजाजत नहीं होगी। कहीं भी जमावड़ा नहीं होगा। सिनेमा हाल, थिएटर, मल्टीप्लेक्स, बैंक्वेट हाल, आडिटोरियम, जिम, योग इंस्टीट्यूट और पार्क बंद करने पड़ेंगे। शादियां भी पाबंदियों के साथ हो सकेंगी। ऐसी नौबत नहीं आनी चाहिए।

सदर बाजार में भी भीड़भाड़ है। ऐसे में चिंतित फेडरेशन आफ सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन के महामंत्री राजेंद्र शर्मा ने जिला प्रशासन से बाजार में वालेंटियर्स बढ़ाने के साथ अवैध रेहड़ी-पटरी वालों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि दुकानों के भीतर दुकानदार सख्ती कर सकते हैं, लेकिन सड़क और फुटपाथ पर व्यवस्था बनाने का काम जिला प्रशासन को ही संभालना होगा।

चांदनी चौक सर्व व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय भार्गव ने बताया कि सरकार की ओर से बुधवार को आए नए दिशानिर्देशों के अनुसार दुकानदारों को जागरूक करने के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। साथ ही दुकानों के बाहर जागरूकता वाले स्टीकर लगाए जा रहे हैं। दुकानदारों से कहा जा रहा है कि बिना मास्क वाले ग्राहकों को दुकानों के भीतर आने ही न दें। हालांकि, उन्होंने सड़क पर नियमों के उल्लघंन पर चिंता जताते हुए कहा कि सड़क व फुटपाथ पर अवैध रेहड़ी-पटरी वालों के साथ ही बेघरों और रिक्शे वालों की काफी मौजूदगी है, जिनमें लापरवाही देखी जा रही है। इन पर सख्ती की आवश्यकता है।

कश्मीरी गेट आटोमोटिव पा‌र्ट्स मर्चेट एसोसिएशन (अपमा) के अध्यक्ष ओमिक्रोन को लेकर दुकानदारों को सतर्कता बरतने को कहा जा रहा है। इसके साथ ही टीकाकरण पर जोर है। एसोसिएशन की ओर से बाजार में टीकाकरण शिविर लगाया गया है, जिसमें सभी लोगों का टीकाकरण किया जा रहा है। हाल के दिनों में इसको लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ी है।

सभी कारोबारियों को करना होगा दिशानिर्देशों का पालन

बृजेश गोयल चैंबर आफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआइ) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि सभी कारोबारियों को कोरोना दिशानिर्देशों का पालन करना होगा। इस संबंध में सभी बाजार संगठनों को एडवाइजरी जारी की गई है। इसमें कहा गया है कि बाजार संगठन इसके प्रति दुकानदारों को जागरूक करें। दुकान पर स्टाफ और व्यापारी हमेशा मास्क लगाकर रखें। बगैर मास्क के किसी को भी व्यावसायिक प्रतिष्ठान में प्रवेश नहीं दें। मार्केट में प्रमुख जगहों पर 'नो मास्क - नो एंट्री' के बोर्ड लगाएं।उन्होंने कहा कि व्यापारी संगठन बाजारों में भीड़ प्रबंधन नहीं कर सकते हैं, क्योंकि उन्हें कोई कानूनी अधिकार नहीं है। ऐसे में जिला प्रशासन और पुलिस को कारोबारी संगठनों का पूरा सहयोग करना होगा। उन्होंने चेताते हुए कहा कि