तीन साल से उद्घाटन के इंतजार में पश्चिमी जिला उपायुक्त कार्यालय, जानिए क्यों अधर में लटका

 

अब तक इमारत के उद्घाटन का काम अधर में लटका हुआ है।
मई 2018 में मुख्यमंत्री स्वयं इसका उद्घाटन करने वाले थे इसकाें लेकर सारी तैयारियां भी हो गई थी। पर उस समय पुलवामा हमले के चलते कार्यक्रम को रद्द करना पड़ा था। तब से अब तक इमारत के उद्घाटन का काम अधर में लटका हुआ है।

नई दिल्ली,  संवाददाता। राजौरी गार्डन स्थित पश्चिमी जिला उपायुक्त कार्यालय में भले ही कामकाज शुरू हुए करीब तीन साल हो गए है, लेकिन 2015 में बननी शुरू हुई इस इमारत का उद्घाटन अभी तक नहीं हुआ है। मई 2018 में मुख्यमंत्री स्वयं इसका उद्घाटन करने वाले थे, इसकाें लेकर सारी तैयारियां भी हो गई थी। पर उस समय पुलवामा हमले के चलते कार्यक्रम को रद्द करना पड़ा था। तब से अब तक इमारत के उद्घाटन का काम अधर में लटका हुआ है।

आश्चर्य की बात यह है कि अब इस दिशा में किसी का ध्यान नहीं है।उद्घाटन के बारे में सवाल पूछने पर अधिकारी खुद हैरान हो जाते है। 2021 में इमारत के उद्घाटन की उम्मीद जताई गई थी, पर इस वर्ष भी यह कार्यक्रम परवान नहीं चढ़ा।जनवरी 2015 में जब इमारत का निर्माण कार्य शुरू हुआ था, तब यह कहा गया था कि इसे हर हाल में अक्टूबर 2016 तक पूरा कर लिया जाएगा, लेकिन समय सीमा बीत जाने के पांच साल बाद जाकर इमारत का निर्माण कार्य पूरा हो पाया था।

गौरतलब हो कि मई 2018 से पूर्व तीन उपमंडलों में विभाजित पश्चिमी जिला उपायुक्त कार्यालय उत्तर-पश्चिमी जिला स्थित रामपुरा में स्थित है। राजस्व या प्रमाण पत्र से जुड़े कामकाज के लिए लोगों को लंबी दूरी तय कर कार्यालय जाना पड़ता था। इससे न सिर्फ समय की काफी बर्बादी होती थी बल्कि लोगों को काफी परेशानी होती थी। पश्चिमी क्षेत्र के किसी भी इलाके से रामपुरा जाने के लिए सीधी बस सेवा या मेट्रो सेवा नहीं थी। लोगों को कई जगह बसें बदलनी पड़ती थी। इसके अलावा यदि आप मेट्रो से भी जाएं तो आपको मेट्रो कम से कम दो जगह बदलनी होती थी। रामपुरा के नजदीकी मेट्रो स्टेशन अशोक पार्क मेन से कार्यालय परिसर की दूरी भी कम नहीं थी।

पैदल कम से कम दस मिनट का समय लगता था। यदि आपके पास अपनी गाड़ी हो तो यहां लगने वाले जाम में आप काफी देर तक फंसे रह जाते थे। मिनटों की दूरी को तय करने में घंटों का भी समय लग जाता था। सबसे बड़ी बात यह है कि रामपुरा स्थित कार्यालय में जगह का खासा अभाव था। साथ ही दूसरे जिले में कार्यालय होने के कारण अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का ठीक ढंग से निर्वाह नहीं कर पाते थे।

राजौरी गार्डन में उपायुक्त कार्यालय शुरू होने से लोगों की समस्या का काफी हद तक समाधान हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक पुलवामा हमले के बाद चुनाव का समय नजदीक आने से इमारत के उद्घाटन समारोह को टालना पड़ा था। चुनाव संपन्न होने के बाद पूर्वी दिल्ली में दंगे और अब कोरोना वायरस संक्रमण के चलते इमारत का उद्घाटन अभी तक नहीं हो पाया है।