जम्मू-कश्मीर में अब आतंकियों के खिलाफ जनता बढ़चढ़ कर दे रही जानकारी, गृह सचिव अजय भल्ला ने की समीक्षा बैठक

 

जम्मू-कश्मीर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने आतंकियों के खिलाफ बेहतर खुफिया जानकारी मिलने का दावा किया।
गृह सचिव अजय भल्ला ने जम्मू-कश्मीर के हालात की समीक्षा की। बैठक में गृह मंत्रालय व खुफिया ब्यूरो के वरिष्ठ अधिकारियों और अ‌र्द्धसैनिक बलों के प्रमुखों के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक दिलबाग ¨सह व अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

 ब्यूरो, नई दिल्ली। केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला के साथ उच्च स्तरीय बैठक के दौरान जम्मू-कश्मीर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने आतंकियों के खिलाफ बेहतर खुफिया जानकारी मिलने का दावा किया। बैठक में गृह मंत्रालय व खुफिया ब्यूरो के वरिष्ठ अधिकारियों और अ‌र्द्धसैनिक बलों के प्रमुखों के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह व अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार गृह सचिव ने जम्मू-कश्मीर में पुलिस बल के जवानों और आम नागरिकों पर आतंकियों के बढ़ते टारगेटेड हमले को देखते हुए हालात की समीक्षा के लिए बैठक बुलाई थी।बैठक में जम्मू-कश्मीर की ओर से हाल के आतंकी हमलों के बारे में विस्तृत प्रजेंटेशन दिया गया। इसके सटिक खुफिया जानकारी के आधार पर कई हाईप्रोफाइल आतंकियों के मारे जाने की भी जानकारी दी। उनका कहना था कि आम जनता अब आतंकी गतिविधियों के बारे में आगे बढ़कर जानकारी दे रही है और इससे ह्यूमन इंटेलीजेंस बेहतर हुआ है। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों सुरक्षा एजेंसियों ने कश्मीर में बड़े आतंकी हमले की कई साजिश को नाकाम करने में सफलता मिली है।

ह्यूमन इंटेलीजेंस नेटवर्क को और बेहतर बनाने की जरूरत

गृह सचिव ने ह्यूमन इंटेलीजेंस नेटवर्क को और बेहतर बनाने की जरूरत पर बल दिया। गृह सचिव का कहना था कि आतंकियों के बारे में अच्छा ह्मयूमन इंटेलीजेंस मिलने हालात के बेहतर होने का संकेत है और सुरक्षा एजेंसियों के इसका फायदा उठाना चाहिए। बस पर आतंकी हमले में जम्मू-कश्मीर पुलिस के तीन जवानों के मारे जाने की घटना का हवाला देते हुए गृह सचिव ने राज्य पुलिस के जवानों की आवाजाही के लिए बुलेट प्रुफ गाडि़यों का इस्तेमाल करने और जरूरत के मुताबिक ऐसी गाड़ियों की पर्याप्त संख्या में व्यवस्था करने पर जोर दिया।

एनआइए जम्मू-कश्मीर में टेरर फंडिंग के कई मामलों की जांच कर रही

बैठक में आतंकी हमले की जांच के लिए नव गठित एसआइए (स्टेट इंवेस्टीगेशन एजेंसी) को मजबूत बनाने और एनआइए की तर्ज पर पेशेवर तरीके से हर मामले की जांच करने पर जोर दिया गया। गृह सचिव ने कहा कि एनआइए जम्मू-कश्मीर में टेरर फंडिंग के कई मामलों की जांच कर रही है। लेकिन उसके लिए हर आतंकी हमले की जांच करना संभव नहीं है। एसआइए का गठन इसी उद्देश्य से किया गया था।