जब FTII के एग्जाम में फेल होने बाद रोने लगे थे अनिल कपूर, लड़ बैठे थे गिरीश कर्नाड से

 

बॉलीवुड अभिनेता अनिल कपूर- तस्वीर : Instagram: anilskapoor
अनिल कपूर को अगर बॉलीवुड का एवरग्रीन कलाकार कहा जाए तो कोई बड़ी बात नहीं होगी। उन्होंने हिंदी सिनेमा में अपनी जगह को हमेशा बनाकर रखा है। इसमें कोई शक नहीं है कि अनिल कपूर ने अपने शानदार अभिनय से हमेशा दर्शकों के दिलों को जीता है।

नई दिल्ली। अनिल कपूर को अगर बॉलीवुड का एवरग्रीन कलाकार कहा जाए तो कोई बड़ी बात नहीं होगी। उन्होंने हिंदी सिनेमा में अपनी जगह को हमेशा बनाकर रखा है। इसमें कोई शक नहीं है कि अनिल कपूर ने अपने शानदार अभिनय से हमेशा दर्शकों के दिलों को जीता है। वह कई बड़ी हिट फिल्में भी दे चुके हैं। अनिल कपूर का जन्म 24 दिसंबर 1956 को मुंबई के चेम्बूर में हुआ था।

उनके पिता सुरिंदर कपूर एक फिल्म प्रोड्यूसर थे। बावजूद इसके अनिल कपूर को बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री में काम पाने और अपनी जगह बनाने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने अपनी पूरी पढ़ाई मुंबई से की है। अनिल कपूर अपनी पूरी पढ़ाई में कभी फेल नहीं हुए थे, लेकिन जब उन्होंने अभिनय की दुनिया में कदम रखने का फैसला किया तो उन्हें असफलता का सामना करना पड़ा।

दरअसल अनिल कपूर ने अभिनय की पढ़ाई करने के लिए एफटीआईआई (फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, पूणे) का एंट्रेंस एग्जाम दिया था, लेकिन अनिल कपूर इस एग्जाम में फेल हो गए थे। उस समय एफटीआईआई के डायरेक्टर मशहूर लेखक और अभिनेता गिरीश कर्नाड थे। एक्जाम में फेल होने के बाद अनिल कपूर उनसे झगड़ा करने और फिर हाथ-पैर जोड़कर एडमिशन मांगने चले गए थे।

एफटीआईआई के एंट्रेंस एग्जाम में फेल होने के बाद अनिल कपूर रातभर रोए भी थे। लेकिन बचपन से अभिनय की तमन्ना रखने वाले अनिल कपूर ने हार नहीं मानी। उन्होंने फिर भी बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री में अपना संघर्ष जारी रखा। अनिल कपूर ने बतौर लीड एक्टर अपनी पहली डेब्यू फिल्म 1980 में तेलुगु सिनेमा में की थी और यह फिल्म थी 'वामसा व्रुक्षम'। हालांकि, इससे पहले अनिल 1979 में डायरेक्टर उमेश मेहरा की फिल्म 'हमारे-तुम्हारे (1979)' में सपोर्टिंग रोल में नजर आ चुके थे। उसके बाद उनकी कई फिल्में रिलीज हुई, जिन्होंने बॉक्स ऑफिस पर कमाल दिखाया और इनसे लोगों के दिल में जगह बनाई।

अनिल कपूर मशाल, साहेब, मेरी जंग, कर्मा, मिस्टर इंडिया, तेजाब, नाम लखन, किशन कन्हिया, बेटा, 1942: ए लव स्टोरी, विरासत, बीवी नंबर 1, पुकार, नायक, नो एंट्री और वेलकम जैसी कई शानदार फिल्मों में अभिनय किया। अनिल कपूर बॉलीवुड के साथ ही हॉलीवुड में भी अपने अभिनय का लोहा मनवा चुके हैं। हॉलीवुड फिल्म 'स्लमडॉग मिलयेनियर' ने अनिल कपूर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति दिलवाई।

अनिल कपूर की फिल्म 'स्लमडॉग मिलियेनियर' ने ऑस्कर अवॉर्ड हासिल किया था। इसके अलावा वह हॉलीवुड की टेलिविजन सीरीज '24' का भारतीय रूपांतरण भी छोटे पर्दे पर ला चुके हैं। अनिल कपूर ने अभिनय के साथ ही गायिकी में भी अपना हाथ आजमाया है। वह अपनी फिल्म 'वो सात दिन' के गीत 'तेरे बिना मैं नहीं' और फ़िल्म 'चमेली की शादी' में अपनी आवाज का जादू चला चुके हैं। फिलहाल अनिल कपूर अब भी अभिनय की दुनिया में पूरी तरह से सक्रिय हैं।