कोरोना के चलते महाराष्ट्र में स्कूल बसों को सालाना वाहन कर में 100 फीसद मिलेगी छूट

 

कोरोना के चलते महाराष्ट्र में स्कूल बसों को सालाना वाहन कर से 100 फीसद मिलेगी छूट। फाइल फोटो

 महाराष्ट्र कैबिनेट ने निर्णय लिया है कि इस साल सभी स्कूल बसों को सालाना वाहन कर से 100 फीसद छूट मिलेगी और 10 से कम श्रमिकों वाले प्रतिष्ठानों सहित सभी प्रतिष्ठानों के लिए मराठी साइनबोर्ड अनिवार्य होंगे।

मुंबई, एएनआइ। कोरोना के चलते महाराष्ट्र कैबिनेट ने निर्णय लिया है कि इस साल सभी स्कूल बसों को सालाना वाहन कर से 100 फीसद छूट मिलेगी और 10 से कम श्रमिकों वाले प्रतिष्ठानों सहित सभी प्रतिष्ठानों के लिए मराठी साइनबोर्ड अनिवार्य होंगे। गौरतलब है कि देश में कोरोना की तीसरी लहर का सबसे ज्यादा असर महाराष्ट्र और देश की राजधानी दिल्‍ली में देखने को मिल रहा है। इस बीच, महाराष्ट्र में अब तक कम से कम 481 रेजिडेंट डाक्टर कोविड-19 संक्रमित हो चुके हैं। महाराष्ट्र में लगातार कोरोना का खतरा बढ़ता जा रहा है। महाराष्ट्र एसोसिएशन आफ रेजिडेंट डाक्टर्स के अध्यक्ष डा. अविनाश दहीफले ने बताया कि महाराष्ट्र में अब तक कम से कम 481 रेजिडेंट डाक्टर कोविड-19 पाजिटिव पाए गए हैं।महाराष्ट्र में मंगलवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 34,424 नए मामले सामने आए और इस दौरान गुजरात में 7,476 लोग संक्रमित पाए गए। महाराष्ट्र स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को संक्रमण के नए मामले सामने आने के बाद राज्य में कुल मामले बढ़कर 69,87,938 हो गए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 24 घंटों में इस महामारी से 22 मरीजों की मौत हुई है, जिससे मरने वालों की संख्या 1,41,669 हो गई है। अधिकारी ने बताया कि महाराष्ट्र में वायरस के ओमिक्रोन वैरिएंट से संक्रमण के 34 नए मामले सामने आए, जिसके बाद ओमिक्रोन वैरिएंट संक्रमण के मामले बढ़कर 1,281 हो गए हैं।

ओमिक्रोन वैरिएंट के कारण भारत में आने वाले दिनों में कोरोना के मामलों में तेज वृद्धि होने की संभावना है। हालांकि, टीकाकरण व प्रोटोकाल का पालन करने से इसके प्रसार को रोकने में मदद मिल सकती है। टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआइ) के अध्यक्ष डा. एनके अरोड़ा ने कहा, यदि मानदंडों का उल्लंघन किया जाता है, तो तेजी से मामलों के बढ़ने की आशंका है। दूसरी ओर, टीकाकरण व कर्फ्यू जैसे उपायों से प्रसार को रोकने में मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा, ऐसा माना जा सकता है कि देश में कोरोना के पाए जाने वाले अधिकतर मामले ओमिक्रोन के कारण ही हैं। दिल्ली, पुणे और मुंबई जैसे बड़े शहरों में ओमिक्रोन के कारण ही मामले बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा, डेल्टा के कुछ मामले उन्हीं क्षेत्रों में होंगे जहां वह पहले से थे, इसलिए इस तरह की स्थिति में हमें अधिक ध्यान देना चाहिए।