बिहार के बुजुर्ग का 11 बार कोरोना टीका लेने के दावे पर केंद्रीय स्वास्थ्य अधिकारी का बयान, जानें- क्या कहा

 

बिहार के बुजुर्ग ने 11 बार कोरोना टीका लेने के दावा करके सनसनी मचा दी है। (फोटो- एएनआइ)

बीते दिनों बिहार के मधेपुरा में एक 84 साल के बुजुर्ग ने कोरोना वैक्‍सीन की 11 डोज लगवाने का चौंकाने वाला दावा किया था। इसे लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य अधिकारी का बयान सामने आया है और उन्होंने कहा है कि ऐसा संभव नहीं है।

नई दिल्ली,एएनआइ। बीते दिनों बिहार के मधेपुरा में एक 84 साल के बुजुर्ग ने कोरोना वैक्‍सीन की 11 डोज लगवाने का चौंकाने वाला दावा किया था। इसे लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य अधिकारी का बयान सामने आया है और उन्होंने कहा है कि ऐसा संभव नहीं है। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि कोरोना टीकाकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले कोविन पोर्टल पर एक आधार आईडी से एक बार से ज्यादा बार पंजीकरण नहीं हो सकता है। 

अतिरिक्त सचिव और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक विकास शील ने आज ट्विटर पर कहा कि कोविन पर मौजूद रिकार्ड के अनुसार ब्रह्मदेव मंडल नाम और 85 वर्ष की आयु के केवल एक व्यक्ति को टीका लगा है। उसका रजिस्ट्रेशन आधार कार्ड से हुआ है। कोविन आधार सहित एक ही आईडी के उपयोग से कई लाभार्थियों के लिए रजिस्ट्रेशन के लिए अनुमति नहीं देता है।84 साल के मंडल ने दावा किया था पिछले 10 महीने में अलग-अलग जगहों पर 11 बार कोरोना का टीका लिया है। उन्होंने कब-कब टीका लगवाया इसकी भी जानकारी दी थी। उन्होंने 13 फरवरी, 2021 को पुरैनी पीएचसी में पहली टीका लगवाया। उन्होंने 24 सितंबर तक नौ बार वैक्सीन लेने का दावा किया। उन्होंने कहा कि इस साल 4 जनवरी को भी टीका लगवाया।

मंडल ने कहा, 'मैंने 19 मई को तीसरी, 16 जून को चौथी और 24 जुलाई को पांचवीं और एसडीएच कहलगांव से दसवीं खुराक ली थी। मुझे अब तक 11 बार कोरोना टीका लग चुका है।' उन्होंने यह भी कहा कि टीका लगने के बाद से वह बीमार नहीं पड़े हैं। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है।

ब्रह्मदेव के दावे के बाद मधेपुरा के सिविल सर्जन डा अमरेंद्र प्रताप शाही ने कहा कि था कि उनके दावे सही हैं या गलत यह जांच का विषय है। हम अस्पताल के रिकार्ड की जांच करेंगे और यदी दावा सही साबित होता है तो मामले में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। कोविन एक ही आधार संख्या का उपयोग करके एक के ज्यादा बार पंजीकरण की अनुमति नहीं देता है। हमने मामले की जांच शुरू कर दी है।