कागजों में मृत दिखाकर 12 साल से सोनीपत में रहा शराब माफिया, उत्तराखंड की कोर्ट को भी दिया धोखा

 

कागजों में मृत दिखाकर 12 साल से सोनीपत में रहा शराब माफिया, उत्तराखंड की कोर्ट को भी दिया धोखा

दिल्ली से सटे हरियाणा के सोनीपत के रहने वाले एक आरोपित शख्स का हैरान कर देने वाला कृत्य सामने आया है। यह शराब माफिया खुद को मृत दर्शाकर 12 साल से सोनीपत में ही रह रहा था लेकिन इसकी किसी को भनक तक नहीं लगी।

सोनीपत । दिल्ली से सटे हरियाणा के सोनीपत के रहने वाले एक आरोपित शख्स का हैरान कर देने वाला कृत्य सामने आया है।  शराब तस्कर ने अपने स्वजनों के साथ मिलकर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कराया और न्यायालय में चल रहे मामलों में खुद को मृत घोषित करा लिया। उसके बाद आरोपित नगर निगम के सरकारी वाहन पर चालक की नौकरी करता रहा। दिलचस्प यह है कि उसके मरने की संस्तुति भी नगर निगम द्वारा ही की गई थी। अारोपित ने अपना नाम और पता कुछ भी नहीं बदला और 12 साल तक किसी की पकड़ में नहीं आया। अब दिल्ली फायर सर्विस में तैनात कर्मचारी की जागरूकता से यह मामला खुला है। एएसपी की जांच में फर्जी प्रमाण पत्र, शराब माफिया हाेने के साक्ष्य और नगर निगम में नौकरी करने के सबूत मिल गए हैं। अब सिटी थाना में आरोपित, उसकी पत्नी, भाई व भाभी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है।

भंवर सिंह ने बताया कि वह दिल्ली फायर सर्विस में कर्मचारी है। उसके संज्ञान में आया कि आर्मी कैंटर के सामने रहने वाला संजय पुत्र ओमप्रकाश कागजों में मृत है। इस पर उसने इनकी पड़ताल शुरू की। जांच में सामने आया कि खरखौदा क्षेत्र के गांव नकलोई के रहने वाला संजय शराब माफिया था। उस पर उत्तराखंड में शराब तस्करी के कई मामले दर्ज हैं। वहां के न्यायालयों की कार्रवाई से बचने के संजय के भाई नरेंद्र कुमार ने नगर निगम सोनीपत से एक रिपोर्ट तैयार कराई। उसमें संजय को मृत घोषित कराया। उसके आधार पर सिविल अस्पताल से उसका फर्जी डेथ सर्टीफिकेट तैयार कराकर न्यायालय में दाखिल कर दिया। उसके चलते न्यायालय के मामले बंद कर दिए गए।

उसके बाद संजय ने नगर निगम सोनीपत में ही वाहन चालक की नौकरी कर ली। जिन अधिकारियों ने उसकी मृत्यु होने के कागजात तैयार किए थे, उन्होंने ही संजय को नौकरी दे दी। यह मामला भंवर सिंह ने अधिकारियों के सामने उठाया। उसने न्यायालय में साक्ष्य प्रस्तुत किए। उसके बाद एसपी और डीसी को शिकायत दी।अधिकारियों ने एएसपी मुख्यालय उपासना सिंह से इसकी जांच कराई। जांच में आरोप सही पाए जाने पर खुद को मृतक दिखाने वाले संजय, उसकी पत्नी ऋतु, संजय के भाई नरेंद्र और नरेंद्र की पत्नी माया के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद आरोपित फरार हो गए हैं।