एक युवती ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर नशेड़ी भाई के लिए 15 साल की किशोरी के साथ रची ये साजिश, पढ़िए पूरी कहानी

 

कालकाजी थाना पुलिस को 15 साल की नाबालिग लड़की के अपहरण की सूचना मिली थी।

नेहरू प्लेस के फुटपाथ पर रहने वाली 15 साल की किशोरी को युवती ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अगवा कर लिया और अपने नशेड़ी भाई से जबरन शादी करवा दी। पांच माह बाद अचानक किशोरी के हाथ मोबाइल लगा और उसने अपने माता-पिता को फोन कर दिया।

नई दिल्ली,  संवाददाता। नेहरू प्लेस के फुटपाथ पर रहने वाली 15 साल की किशोरी को युवती ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अगवा कर लिया और अपने नशेड़ी भाई से जबरन शादी करवा दी। पांच माह बाद अचानक किशोरी के हाथ मोबाइल लगा और उसने अपने माता-पिता को फोन कर दिया। इस पर कालकाजी थाना पुलिस ने आरोपित युवती, उसके प्रेमी और भाई को गिरफ्तार कर लिया। आरोपितों की पहचान बिहार के सहरसा जिला निवासी रंजन कुमारी उर्फ ज्योति, रंजन कुमार और दिलीप के रूप में हुई है।

दक्षिण-पूर्वी जिले की पुलिस उपायुक्त ईशा पांडेय ने बताया कि पिछले साल आठ अगस्त को कालकाजी थाना पुलिस को 15 साल की नाबालिग लड़की के अपहरण की सूचना मिली थी। मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई तो पता चला कि पीडि़त परिवार मूल रूप से राजस्थान के अजमेर का रहने वाला है और खानाबदोश की तरह नेहरू प्लेस में फुटपाथ पर रहता है।

किशोरी का पता लगाने के लिए पुलिस ने सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। संगम विहार और आसपास के इलाकों में नोटिस चिपकाए गए। 10 जनवरी को किशोरी के माता-पिता ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी का फोन आया था। बेटी ने बताया कि वह तिगड़ी एक्सटेंशन इलाके में है। उस मोबाइल नंबर की लोकेशन के आधार पर पुलिस तिगड़ी एक्सटेंशन के सी-ब्लाक स्थित उस घर में पहुंच गई, जहां किशोरी को बंधक बनाया गया था।

पुलिस ने किशोरी को पीडि़त परिवार को सौंप दिया। तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले की मास्टरमाइंड ज्योति ने बताया कि वह घटना से दो-तीन दिन पहले पीड़ित किशोरी से नेहरू प्लेस में मिली थी। उसने देखा कि वह गरीब और जरूरतमंद है। इसलिए उसे आसानी से बहलाया-फुसलाया जा सकता है। दो-तीन दिन बाद वह फिर अपने प्रेमी दिलीप कुमार के साथ नेहरू प्लेस गई और नए कपड़े दिलाने का लालच देकर उसे आटो से अपने साथ ले गई।

ज्योति ने अपने प्रेमी दिलीप कुमार की मदद से किशोरी का अपने नशेड़ी भाई रंजन कुमार से जबरन विवाह करवा दिया। किशोरी को न तो मोबाइल छूने देते थे और न ही उसे घर से बाहर जाने देते थे। 10 जनवरी को किशोरी को किसी तरह से मोबाइल मिल गया तो उसने परिवार को फोन कर दिया।