झारखंड में ओम‍िक्रोन की आशंका से इन्‍कार नहीं, कोरोना संक्रम‍ितों की संख्‍या 2010 हुई

 

Omicron in Jharkhand : झारखंड में तेजी से कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं।

 झारखंड में अभी कोरोना संक्रम‍ितों की संख्‍या 2010 हो गई है। यह तेजी से लोगों को अपनी जद में लेता जा रहा है। सांसद संजय सेठ और व‍िधायक अंबा प्रसाद इस समय होम आइसोलेशन में हैं।

रांची, ड‍िज‍िटल डेस्‍क। झारखंड में कोरोना का संक्रमण खतरनाक ढंग से बढ़ रहा है। खासकर रांची, कोडरमा, धनबाद, बोकारो आदि जिलों में इसकी रफ्तार कुछ अधिक ही है। कह सकते हैं कि झारखंड में कोरोना की तीसरी लहर लगभग दस्तक दे चुकी है।

अब तक ओमिक्रोन की पुष्टि नहीं

वहीं, झारखंड में भले ही अभी तक ओमिक्रोन होने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जिस तेजी से संक्रमण बढ़ रहा है उससे ओमिक्रोन की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता। बहुत कम संख्या में सैंपल की जीनोम स‍िक्‍वेंस‍िंंग होने तथा रिपोर्ट आने में हो रही देरी के कारण ही इस वैरिएंट के होने की पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है। 

बचाव के ल‍िए सख्ती जरूरी

जो भी हो, जिस तरह संक्रमण बढ़ रहा है उससे एक बार फिर कोरोना से बचाव को लेकर सख्ती जरूरी है, क्योंकि कोरोना संक्रमण कम होने के बाद हम इसके नियमों के पालन में लापरवाह हो गए हैं। तीन दिनों के दौरे पर झारखंड पहुंची चार सदस्यीय केंद्रीय टीम ने भी स्पष्ट रूप से कहा है कि राज्य में कोरोना उपयुक्त व्यवहार का अनुपालन नहीं हो रहा है।

मास्क नहीं पहनने पर 50 रुपये जुर्माना का प्रस्‍ताव

झारखंड सरकार ने भी मास्क नहीं पहनने वाले लोगों पर 50 रुपये जुर्माना लगाने का प्रस्ताव आपदा प्रबंधन विभाग को भेजा है। केंद्रीय टीम ने कोरोना संक्रमित लोगों को कोविड सेंटरों में रखने का भी सुझाव राज्य सरकार को दिया है। जिला प्रशासन को इसका सख्ती से अनुपालन करना चाहिए, क्योंकि वर्तमान में कोविड सेंटरों में अधिसंख्य बेड खाली हैं। संक्रमितों को वहां रखने से उनका उपयोग हो पाएगा तथा संक्रमण बढऩे का भी खतरा कम रहेगा।

कोरोना संक्रमण को लेकर सतर्क रहने की जरूरत

इन सबसे अधिक महत्वपूर्ण है कि हम स्वयं कोरोना संक्रमण को लेकर सतर्क हो जाएं। यदि हम कोरोना उपयुक्त व्यवहार को अपनाएं तो इसके संक्रमण से बच सकते हैं। यदि कोरोना का लक्षण है तो समय पर जांच कराएं तथा संक्रमित पाए जाने पर संपर्क में आनेवाले तमाम लोगों को भी जांच कराने के लिए प्रेरित करें। सबसे महत्वपूर्ण है कि जो अभी तक दोनों डोज का टीका नहीं ले सके हैं, वे दोनों डोज का टीका लेकर कोरोना से प्रतिरक्षित हों। यदि ऐसा करते हैं तो हम कोरोना पर एक बार फिर नियंत्रण पा सकते हैं।

झारखंड में इस समय 753 कोरोना मरीज

स्‍वास्‍थ्‍य व‍िभाग की ओर से शुक्रवार को जारी आंकड़ा के मुताब‍ि‍क रांची में 327, पूर्वी सिंहभूम ज‍िले में 74, कोडरमा ज‍िले में 63,धनबाद ज‍िले में 61, बोकारो ज‍िले में 49, हजारीबाग ज‍िले में 46, खूंटी ज‍िले में 24, देवघर ज‍िले में 23, पश्चिमी सिंहभूम ज‍िले में 20, रामगढ़ ज‍िले में 17, लोहरदगा ज‍िले में 10, पलामू ज‍िले में 09, गिरिडीह ज‍िले में 05, जामताड़ा ज‍िले में 05, गोड्डा ज‍िले में 04, गुमला ज‍िले में 04, लातेहार ज‍िले में 03, सरायकेला खरसावां ज‍िले में 03, साहिबगंज ज‍िले में 03, दुमका ज‍िले में 02, सिमडेगा ज‍िले में 01 कोरोना संक्रि‍म‍ित पाए गए थे। झारखंड में इस समय 2010 कोरोना संक्रम‍ित हैं।

सांसद और व‍िधायक होम आइसोलेशन में

रांची के भाजपा सांसद संजय सेठ तथा बड़कागांव की विधायक अंबा प्रसाद भी संक्रमितों की सूची में शामिल हो गई हैं। रिम्स के एक दर्जन चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ भी संक्रमित हो चुके हैं। सांसद संजय सेठ और विधायक अंबा प्रसाद इस समय होम आइसोलेशन में हैं।