यूपी चुनाव 2022: कुशीनगर में कांग्रेस के दो द‍िग्‍गजों की प्रत‍िष्‍ठा दांव पर, छोटे दलों ने बढ़ाई हलचल

 

UP Elections 2022: कुशीनगर में कांग्रेस के दो द‍िग्‍गजों की प्रत‍िष्‍ठा दांव पर लगी है। - प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

 कुशीनगर की कुल सात विधानसभा सीटों में से पांच खड्डा पडरौना कुशीनगर हाटा फाजिलनगर पर भाजपा का कब्जा है। तमकुहीराज सीट पर कांग्रेस रामकोला सीट पर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी काबिज है। इस बार पिछले चुनाव की तुलना में सियासी समीकरण भी कुछ बदले हुए हैं।

कुशीनगर। उप्र विधानसभा चुनाव-2022 की तिथि घोषित होने व चुनाव आचार संहिता लागू होते ही चुनावी बिगुल बज गया है। राजनीतिक दल अपनी रणनीति के साथ चुनावी रण में पूरी ताकत के साथ उतरने की तैयारी में जुट गए हैं। सियासी तरकस में मुद्दों के तीर जुटाने लगे हैं, ताकि विपक्ष पर निशाना साध सकें।

चुनाव आचार संहिता लागू होते ही तेज हुई सियासी हलचल

चुनावी हलचल भी बढ़ गई है। भाजपा अपने राष्ट्रवाद व विकास के मुद्दे के साथ उतरने की तैयारी में है तो सपा महंगाई को प्रमुख हथियार बना खम ठोंकने को तैयार दिख रही है। कांग्रेस और बसपा भी अपने मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाने को तैयार है। चुनाव कार्यालयों पर अब भीड़ बढऩे लगी है तो प्रमुख नेता चुनावी समर को लेकर कार्यकर्ताओं को सहेजने में जुट गए हैं।

ज‍िले की पांच सीटों पर है भाजपा का कब्‍जा

कुशीनगर की कुल सात विधानसभा सीटों में से पांच खड्डा, पडरौना, कुशीनगर, हाटा, फाजिलनगर पर भाजपा का कब्जा है। तमकुहीराज सीट पर कांग्रेस तो रामकोला विधानसभा सीट पर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी काबिज है। हालांकि, इस बार पिछले चुनाव की तुलना में सियासी समीकरण भी कुछ बदले हुए हैं। पिछली बार भाजपा का सुभासपा से गठबंधन था तो इस बार सुभासपा, सपा के साथ है। आम आदमी पार्टी, अपना दल एस के अलावा इस बार आरपीआइ ने भी जिले में दस्तक दी है। सत्ता से दूर हुई सपा महंगाई, चीनी मिलों की बंदी के मुद्दे को लेकर सियासी हमले तेज कर अपने पक्ष में माहौल बनाने में जुटी है तो भाजपा विकास, राष्ट्रवाद के मुद्दे पर विपक्षी दलों को कठघरे में खड़ा कर रही है। पिछले चुनाव में खड्डा और कुशीनगर विधानसभा सीट पर दूसरे स्थान पर रही बसपा भी पार्टी की रणनीति के तहत बैठकों व कार्यकर्ता सम्मेलनों के जरिये माहौल बना रही है। यह और बात है कि पिछली बार की तरह इस बार बसपा शोर-शराबे और बड़े सम्मेलनों के साथ चुनावी राह पर चलती नहीं दिख रही है।

कांग्रेस प्रदेश अध्‍यक्ष का गृह जनपद है कुशीनगर

दूसरी ओर कभी गन्ना, गंडक और गुंडा के मुद्दे पर लड़ा जाने वाला चुनाव भी पहले की तुलना में पूरी तरह से बदल गया है। यही वजह है कि सभी दल विकास और किसान की बात कर रहे हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू व कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता व पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री आरपीएन स‍िंह का गृह जनपद होने के कारण चुनाव पार्टी के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। भाजपा के सामने अपनी जीती हुई पांच सीटों को बचाने के साथ अन्य दो सीटों पर जीत हासिल करने की चुनौती है। बसपा को अपनी खोई हुई जमीन की तलाश है तो अपना खाता खोलकर उपस्थित दर्ज कराने का लक्ष्य भी। भाजपा से साथ छूटने के बाद सुभासपा नए साथी संग पुन: जीत हासिल करने की कोशिश में है। चुनाव का ऊंट कब किस करवट बैठ जाए यह तो नहीं कहा जा सकता, लेकिन फिलहाल जो चुनावी परिदृश्य दिख रहा है उसमें भाजपा, सपा के साथ बसपा, कांग्रेस भी चुनावी मैदान में अपनी मजबूती दिखाने की पुरजोर कोशिश में है। क्षेत्रीय दल जातिगत समीकरण को साधकर अपने लक्ष्य तक पहुंचने की जुगत में हैं। परिणाम क्या होगा यह तो समय ही बताएगा।

वार रूम खोलने की तैयारी

वार रूम सभी प्रमुख दलों की प्रमुखता में है। मकसद है, यहां से बैठकर चुनावी जंग पर नजर रखना और उस अनुरूप अपनी रणनीति तैयार कर वोटरों को अपने पाले में करने का प्रयास करना। भाजपा इसको लेकर पहले से ही तैयार दिख रही है तो अन्य दल अभी इस ओर कदम बढ़ा रहे हैं।

जिले में कुल मतदाता-2634204

महिला-1246027

पुरुष-1387968

मतदान केंद्र-1473

मतदेय स्थल-3002