पंजाब चुनाव 2022: बठिंडा के डेरा सलाबतपुरा में भंडारे में शामिल नेताओं की बढ़ी मुश्किलें, सिख संगठन करेंगे बायकाट

 

पंजाब में डेरा सिरसा बना चर्चा का विषय। (सांकेतिक तस्वीर)

 पंजाब के सिख संगठनों ने इकट्ठे होकर डेरे में जाने वाले नेताओं का बायकाट करने का ऐलान कर दिया है। इस संबंध में खालसा दीवान श्री गुरु सिंह सभा की ओर से गुरुद्वारा सिंह सभा में मीटिंग की गई।

 संवाददाता, बठिंडा।   डेरा सच्चा सौदा की ओर से विधानसभा चुनावों के ऐलान के बाद डेरा सलाबतपुरा में किया गया भंडारा काफी चर्चा में बना हुआ है। एक दिन पहले डेरे में भीड़ इकट्ठी करने पर जिला प्रशासन की ओर से नोटिस जारी किया गया तो वहीं अब सिख संगठनों ने इकट्ठे होकर डेरे में जाने वाले नेताओं का बायकाट करने का ऐलान कर दिया है।

इस संबंध में खालसा दीवान श्री गुरु सिंह सभा की ओर से गुरुद्वारा सिंह सभा में मीटिंग की गई। जिसमें वरिंदर सिंह बल्ला की अगुआई में संयुक्त संगठनों ने फैसला लिया। इस दौरान तीन प्रस्ताव पास किए गए। जिसमें डेरा सच्चा सौदा जान वाले राजनीतिक नेताओं का बायकट किया जाएगा। वहीं अकाल तख्त के हुक्म अनुसार डेरा सलाबतपुरा जाने वाले नेताओं के साथ कोई भी सांझ नहीं रखी जाएगी।

डेरे में जाने वाले नेताओं की लिखित शिकायत श्री अकाल तख्त साहिब काे की जाएगी

इसके अलावा सिख संगठनों ने यह फैसला भी किया के डेरे में जाने वाले नेताओं की लिखित शिकायत श्री अकाल तख्त साहिब अमृतसर को भेजी जाएगी। इस दौरान वरिंदर सिंह बल्ला ने बताया कि अकाल तख्त की ओर से डेरे के साथ किसी भी प्रकार का संबंध नहीं रखा जाता। मगर इसके बाद भी बहुत से नेता डेरे के भंडारे में शामिल हुए, जिसके चलते उक्त फैसले लिए गए हैं। गाैरतलब है कि डेरा सच्चा साैदा का पंजाब के मालवा में काफी प्रभाव है। यहां की अधिकतर सीटाें पर उम्मीदवाराें की जीत-हार में डेरा प्रेमी खासी भूमिका निभाते हैं। हालांकि डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के जेल में हाेने के चलते एक साल के बाद ही यह भंडारा लगाया था।