दिल्ली में कोरोना संक्रमण में बढ़ोतरी, सामने आए 21 हजार केस, 23 की मौत, पाजिटिविटी रेट 25 पर पहुंचा

 

बीते 24 घंटों की बात करें तो अब यहां पर इनकी संख्या बढ़कर 21 हजार 259 तक पहुंच गई है।

दिल्ली में बीते 24 घंटों की बात करें तो अब यहां पर इनकी संख्या बढ़कर 21 हजार 259 तक पहुंच गई है। कोरोना संक्रमण से मरने वालों की संख्या 23 हो गई है। इसी के साथ पाजिटिविटी रेट बढ़कर 25.65 पर पहुंच चुका है।

नई दिल्ली,  संवाददाता। दिल्ली में कोरोना की रफ्तार बेकाबू होती दिख रही है। बीते 24 घंटों की बात करें तो अब यहां पर इनकी संख्या बढ़कर 21 हजार 259 तक पहुंच गई है। कोरोना संक्रमण से मरने वालों की संख्या 23 हो गई है। इसी के साथ पाजिटिविटी रेट बढ़कर 25.65 पर पहुंच चुका है।

इससे पहले शुक्रवार को दिल्ली में 17 हजार से ज्यादा मामले सामने आए थे। वहीं नौ लोगों को इस बीमारी से जान गई थी। इस तरह कुल एक्टिव केसों की संख्या 40 हजार के पास पहुंच गई है। सरकार भी संक्रमण को कम करने के लिए लगातार तरह-तरह की बंदिशें लगा रही है। इसी क्रम में सरकार ने जो वीकेंड कर्फ्यू का एलान किया था वह शुरू हो चुका है। शुक्रवार की रात 10 बजे से लेकर सोमवार सुबह पांच बजे तक कर्फ्यू लगा रहा।jagran

इससे पहले मंगलवार की सुबह सीएम अरविंद केजरीवाल और स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन ने दिल्ली के लोकनायक अस्पताल का दौरा किया और वहां हालात का जायजा लिया। जायजा लेने के बाद उन्होंने कहा कि जो भी प्रतिबंध दिल्ली में लगाए जा रहे हैं वो मजबूरी हैं। प्रतिबंध बहुत मजबूरी में लगाने पड़ रहे हैं जितनी ​जल्दी हो सकेगा हम प्रतिबंध हटा देंगे। इसी दौरान उन्होंने ये भी संकेत दिए थे कि आज शाम की रिपोर्ट में लगभग 20,000 मामले आएंगे। शाम को उनके अनुमान से भी अधिक एक हजार मामले सामने आएउन्होंने कहा था कि आज दिल्ली में जो लोग अस्पताल में भर्ती हैं, उनमें ऐसे लोगों की संख्या बहुत कम होगी जो केवल कोरोना की बीमारी के लिए अस्पताल में आए। जरूरत पड़ेगी तो हम 37,000 तक बेड तैयार करके 11,000 आईसीयू तैयार कर सकते हैं। दिल्ली में हर तरह के लोग संक्रमण के शिकार हो रहे हैं। एक जनवरी से लेकर 10 जनवरी तक दिल्ली पुलिस के एक हजार से अधिक जवान भी संक्रमण का शिकार हो चुके हैं। इस बीच दिल्ली सरकार ने सभी निजी कार्यालय में काम करने वालों को घर से काम करने की इजाजत देने के लिए कहा है। सरकारी कार्यालयों में 50 फीसद स्टाफ के साथ पहले ही काम किया जा रहा है। बाजार सम-विषम के आधार पर खोले जा रहे हैं जिससे संक्रमण पर रोक लग सके। मगर इसके बाद भी केसों की संख्या में इजाफा हो रहा है।