हाई कोर्ट के जजों के रूप में नियुक्ति के लिए 23 नाम लंबित, कोलेजियम दे चुका है स्वीकृति, सरकार ने नहीं दी है मंजूरी

 

हाई कोर्ट के जजों के रूप में नियुक्ति के लिए 23 नाम लंबित। फाइल फोटो।

पिछले साल के अंत तक सरकार के पास हाई कोर्ट के जजों के रूप में नियुक्ति के लिए 23 नाम लंबित रहे। विभिन्न हाई कोर्ट कोलेजियमों द्वारा वर्ष 2018 से इन उम्मीदवारों के नाम की सिफारिश की गई है। सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम भी इन नामों को स्वीकृति दे चुका है।

नई दिल्ली, एजेंसी। पिछले साल के अंत तक सरकार के पास हाई कोर्ट के जजों के रूप में नियुक्ति के लिए 23 नाम लंबित रहे। विभिन्न हाई कोर्ट कोलेजियमों द्वारा वर्ष 2018 से इन उम्मीदवारों के नाम की सिफारिश की गई है। सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम भी इन नामों को स्वीकृति दे चुका है। सूत्रों ने बताया कि कम-से-कम सात हाई कोर्टो ने उच्च न्यायालयों में नियुक्ति के लिए इन नामों की सिफारिश की है। इन सभी 23 नामों को सरकार ने पुनर्विचार का आग्रह करते हुए वापस कर दिया।

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम विभिन्न अवसरों पर इन नामों को अपना समर्थन दे चुका है। सूत्रों ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट का कोलेजियम दो उम्मीदवारों को हाई कोर्ट का जज बनाने के लिए सरकार से दो बार अनुरोध कर चुका है। इनमें एक व्यक्ति की नियुक्ति कर्नाटक हाई कोर्ट और दूसरे व्यक्ति की नियुक्ति जम्मू एवं कश्मीर हाई कोर्ट में होनी है। ये दोनों उम्मीदवार अधिवक्ता हैं। जम्मू एवं कश्मीर के उम्मीदवार की सिफारिश जहां 2018 में की गई थी, वहीं कर्नाटक के उम्मीदवार की सिफारिश 2019 में की गई। उल्लेखनीय है कि 2021 में विभिन्न उच्च न्यायालयों में कुल 120 जजों की नियुक्ति की गई। 2016 में रिकार्ड 126 हाई कोर्ट जज नियुक्त किए गए थे।

कर्नाटक उच्‍च न्‍यायलय एक और जम्मू कश्मीर हाई कोर्ट में एक जज की नियुक्ति के लिए दो नामों को सुप्रीम कोर्ट का कोलेजियम केंद्र सरकार को दो बार भेज चुका है। ये दोनों प्रत्याशी वकील हैं। जम्मू-कश्मीर के प्रत्याशी का नाम 2018 में भेजा गया था, जबकि कर्नाटक के वकील का नाम 2019 में भेजा गया था। 31 दिसंबर 2021 तक विभिन्न हाईकोर्टों द्वारा भेजे गए कुल 23 नाम ऐसे हैं, जिन्हें शीर्ष अदालत कोलेजियम ने सरकार द्वारा लौटाए जाने के बाद वापस भेजा है, लेकिन इन्हें अब भी सरकार के पास मंजूरी का इंतजार है।

सरकार रिक्त पदों पर लगातार नियुक्तियां कर रही है। सरकार व न्यायपालिका के बीच इसे लेकर एकीकृत व समन्वित प्रयास जारी हैं। जजों की नियुक्ति के पूर्व राज्यों व केंद्रीय स्तर पर विभिन्न संवैधानिक प्राधिकारियों की मंजूरी लेना होती है। 2021 में कुल 120 उच्‍च न्‍यायलय जजों को नियुक्त किया गया, जबकि वर्ष 2016 में रिकार्ड 126 जजों की नियुक्ति की गई थी। देश की 25 हाईकोर्टों में जज के कुल पद 1098 हैं। 1 दिसंबर, 2021 तक इनमें 696 जज कार्यरत थे और 402 पद रिक्त थे।