24 घंटे में पुलिस ने सुलझाया गन पाइंट पर सात लाख रुपये लूट का मामला, जानिए कौन निकला साजिशकर्ता

 

घरेलू सहायक ने भागीरथ प्लेस में एक दवा दुकान के पूर्व कर्मचारी के साथ मिलकर रची थी।

डीसीपी उत्तरी जिला सागर सिंह कलसी के मुताबिक गिरफ्तार किए गए आरोपितों के नाम बाबी अरुण शर्मा विनय शर्मा व मयंक यादव हैं। बाबी मुकुंदपुर का रहने वाला है। वह व्यापारी के यहां घरेलू सहायक था। अरुण शर्मा बागपत उप्र का रहने वाला है।

नई दिल्ली, संवाददाता। भागीरथ प्लेस में चिकित्सा उपकरण बेचने वाले एक व्यापारी से गन पाइंट पर सात लाख रुपये लूटने के मामले में तिमारपुर थाना पुलिस ने चार आरोपितों को गिरफ्तार कर 24 घंटे के अंदर केस की गुत्थी सुलझा ली है। लूट की साजिश व्यापारी के घरेलू सहायक ने भागीरथ प्लेस में एक दवा दुकान के पूर्व कर्मचारी के साथ मिलकर रची थी। दोनों एक-दूसरे को पहले से जानते हैं।

डीसीपी उत्तरी जिला सागर सिंह कलसी के मुताबिक गिरफ्तार किए गए आरोपितों के नाम बाबी, अरुण शर्मा, विनय शर्मा व मयंक यादव हैं। बाबी, मुकुंदपुर का रहने वाला है। वह व्यापारी के यहां घरेलू सहायक था। अरुण शर्मा, बागपत, उप्र का रहने वाला है। वह भागीरथ प्लेस के थोक दवा व्यापारी की दुकान पर काम करता था। चार महीना पहले उसकी नौकरी छूट गई थी। तब से बेरोजगार था। दोनों को पैसे की जरूरत थी। ऐसे में दोनों ने मिलकर व्यापारी को लूटने की साजिश रची।

अरुण ने बागपत के रहने वाले दो दोस्तों को लूट के लिए कहा। दोनों हथियार का बंदोबस्त कर दिल्ली आकर लूट की वारदात को अंजाम देकर वापस बागपत लौट गए थे। इन दोनों के नाम विनय शर्मा और मयंक यादव हैं। चारों को गिरफ्तार कर इनके पास से दो कट्टा, दो कारतूस, लूटी गई रकम में से 5.20 लाख रुपये व अपराध में इस्तेमाल बाइक बरामद की गई है।

नेहरू विहार निवासी नितिन भाटिया की भागीरथ प्लेस में चिकित्सा उपकरण की दुकान है। बाबी इनके यहां घरेलू सहायक था। सात जनवरी की रात पौने 10 बजे दुकान बंद करने के बाद जब वे स्कूटी से नेहरू विहार स्थित अपने घर के पास पहुंचे तभी वहां पहले से बाइक लगाकर खड़े दो बदमाश इनके पास आकर गन प्वाइंट पर सात लाख रुपये से भरा बैग लूटकर फरार हो गए। बैग में अन्य कीमती सामान भी थे। भागने से पहले बदमाशों ने नितिन भाटिया को लूट की शिकायत पुलिस से न करने की धमकी दी।

वारदात के बाद पुलिस टीम ने जब पहले घरेलू सहायक से पूछताछ की और उसके मोबाइल की जांच की तो वाट्सएप काल डीलिट कर दिया था। इस पर पुलिस का शक गहरा गया। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने सच्चाई बता दी। अरुण शर्मा के साथ मिलकर साजिश रचने की बात कही। इस पर अरुण शर्मा को बागपत जाकर दबोच लिया गया। उससे पूछताछ के बाद दोनों लुटेरों को भी बागपत से 24 घंटे के अंदर पकड़ लिया गया। पूछताछ में दोनों ने बताया कि वारदात से पहले 30 दिसंबर को उन्होंने रेकी की थी।