कोरोना महामारी का कारण बने सार्स कोव-2 वायरस में बदलाव के साथ-साथ लक्षण भी बदल रहा



सूंघने की शक्ति कम होने का लक्षण डेल्टा के समय टाप 10 में शामिल था। जागरण फोटो

एक समय सूंघने की शक्ति कम होना अहम लक्षणों में शुमार था। डेल्टा के समय भी यह टाप 10 लक्षणों में था। अब यह 17वें स्थान पर पहुंच गया है। पांच संक्रमितों में से किसी एक में ही यह लक्षण है। इसी तरह बुखार भी कम हो रहा है।

लंदन, प्रेट्र। कोरोना महामारी को फैले दो साल हो गए हैं। अब तक दुनियाभर में करोड़ों लोग संक्रमित हो चुके हैं। इस दौरान किंग्स कालेज लंदन के सहयोग से विकसित जो कोविड स्टडी एप पर जुटाई गई कोरोना संक्रमितों की रिपोर्ट से कई अहम निष्कर्ष सामने आए हैं। किंग्स कालेज के टिम स्पेक्टर ने एप के निष्कर्षों को समझाया है। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी का कारण बने सार्स कोव-2 वायरस में बदलाव के साथ-साथ संक्रमितों में दिखने वाले लक्षण भी बदलते गए हैं।

खांसी, बुखार से हुई थी शुरुआत : 2020 में महामारी की शुरुआत में मुख्य रूप से खांसी, बुखार और सूंघने की शक्ति कम होने के लक्षण देखे गए थे। इनके अलावा थकान, सिरदर्द, सांस फूलने और मांसपेशियों में दर्द जैसे कई अन्य लक्षण भी लोगों में दिखे। अल्फा वैरिएंट इन्हीं लक्षणों के साथ आया था। इसके बाद डेल्टा वैरिएंट के संक्रमण में खांसी, बुखार और सूंघने की शक्ति कम होने के लक्षण कमजोर हो गए। इस दौरान नाक बहने, गले में खराश और लगातार छींक वाले लक्षण ज्यादा उभरकर सामने आए। सांस फूलने के मामले भी देखे गए।

कोई विशेष पहचान न होना भी चिंता बढ़ाने वाली बात : ओमिक्रोन के संक्रमण से कोई विशेष लक्षण नहीं होना चिंता बढ़ाने वाला है। असल में बहुत से लोग कोरोना संक्रमण को भी सामान्य सर्दी-जुकाम काम ही मानकर चल रहे हैं। ऐसा करना सही नहीं है। जांच नहीं होने तक सर्दी-जुकाम के लक्षणों को भी कोरोना के लक्षण मानते हुए सतर्कता बरतना सही कदम है। इससे हम संभावित संक्रमण रोकने में सक्षम हो सकते हैं।

साफ दिख रहा है कुछ लक्षणों का अंतर : ओमिक्रोन के लक्षण काफी हद तक सामान्य सर्दी-जुकाम जैसे हैं। विशेषरूप से टीका लगवा चुके लोगों में ऐसे ही सामान्य लक्षण दिख रहे हैं। कुछ लोगों में मांसपेशियों में दर्द, डायरिया, जी मिचलाने और त्वचा पर निशान के लक्षण भी दिखे हैं। मोटे तौर पर डेल्टा और ओमिक्रोन के लक्षणों में बहुत फर्क नहीं होते हुए भी कुछ ऐसे लक्षण हैं जो अंतर को स्पष्ट कर रहे हैं। एक समय सूंघने की शक्ति कम होना अहम लक्षणों में शुमार था। डेल्टा के समय भी यह टाप 10 लक्षणों में था। अब यह 17वें स्थान पर पहुंच गया है। पांच संक्रमितों में से किसी एक में ही यह लक्षण है। इसी तरह बुखार भी कम हो रहा है।