विधानसभा चुनाव के इतिहास में पहली बार हुआ है ऐसा, यहां 3200 मीटर की ऊंचाई पर बना मतदान केंद्र

विधानसभा चुनाव के इतिहास में पहली बार होने जा रहा है ऐसा। जागरण आर्काइव

 चुनाव के इतिहास में पहली बार समुद्र तल से 3200 मीटर ऊंचाई पर स्थित गंगोत्री धाम को मतदान केंद्र बनाया गया है। यह उत्तराखंड में सबसे ऊंचाई पर स्थित मतदान केंद्र है और यहां 137 मतदाता पंजीकृत हैं।

उत्तरकाशी।विधानसभा चुनाव के इतिहास में पहली बार समुद्र तल से 3200 मीटर ऊंचाई पर स्थित गंगोत्री धाम को मतदान केंद्र बनाया गया है। यह उत्तराखंड में सबसे ऊंचाई पर स्थित मतदान केंद्र है और यहां 137 मतदाता पंजीकृत हैं, जिसमें अधिकांश साधु-संन्यासी शामिल हैं।

उच्च हिमालय में स्थित गंगोत्री धाम में वर्षों से कई साधु तप कर रहे हैं। वर्तमान में साधुओं और आश्रम संचालकों सहित गंगोत्री धाम में 137 मतदाता हैं, जिनमें 10 महिला मतदाता भी शामिल हैं। मतदाताओं की संख्या कम होने के कारण इससे पहले विधानसभा चुनाव में कभी गंगोत्री में मतदान केंद्र नहीं बनाया गया। लोकसभा चुनाव 2019 में पहली बार गंगोत्री में पोलिंग बूथ बनाया गया था। इससे पहले गंगोत्री धाम के मतदाताओं को वोट देने के लिए 25 किलोमीटर दूर धराली या फिर 29 किलोमीटर दूर मुखवा आना पड़ता था।

मतदाताओं की समस्याओं को देखते हुए निर्वाचन आयोग ने विधानसभा चुनाव के लिए भी गंगोत्री में पोलिंग बूथ बनाने का निर्णय लिया। गंगोत्री से पांच किमी दूर कनखू के पास साधना कर रहे स्वामी रामकृष्ण दास कहते हैं, विधानसभा चुनाव में गंगोत्री में मतदान केंद्र बनने से क्षेत्र में रहने वाले साधू-संतों की परेशानी कम हो गई है। इससे खूबसूरत क्या होगा कि लोकतंत्र पर्व का हवन-कुंड गंगोत्री में ही स्थापित हो। इससे सभी साधु-संत काफी खुश हैं। लोकसभा चुनाव 2019 में भी पहली बार गंगोत्री धाम में मतदान केंद्र बनाया गया था। उन्होंने बताया कि पहले दूरी अधिक होने के कारण गंगोत्री में रहने वाले अधिकांश मतदाता गंगोत्री से धराली, मुखवा मतदान केंद्र पर मतदान करने नहीं जा पाते थे।

जिला निर्वाचन अधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि जिले में गंगोत्री धाम सहित कई हिमाच्छादित मतदान केंद्र हैं। इन मतदान केंद्रों पर समय से पोलिंग पार्टी भेजने के लिए सभी उप जिलाधिकारियों ने योजना बनाई है। अगर बारिश या बर्फबारी होती है तो इसके लिए पोलिंग पार्टियों को उस हिसाब से रवाना किया जाएगा। रास्तों की स्थिति की रिपोर्ट जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट नियमित रूप से देंगे।

मौसम बन सकता है चुनौती

राज्य का सबसे ऊंचा मतदान केंद्र गंगोत्री यूं तो सड़क से जुड़ा है। शीतकाल में भी बार्डर रोड को सुचारु रखने के लिए सीमा सड़क संगठन चप्पे-चप्पे पर तैनात है। लेकिन, मतदान के दिनों में अगर भारी बर्फबारी होती है तो गंगोत्री जाने वाली पोलिंग पार्टी को दुश्वारियों का सामना करना पड़ेग

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