35 देशों में है मोहसिन शमामा की डिमांड, सबसे महंगे इत्र में है शुमार और कई बीमारियों में है कारगर

 

सबसे महंगा है खास तरह का इत्र।

आयकर विभाग के छापे के बाद सामने आया है कि फौजान मलिक के यहां खास तरह का मोहसिन शमामा इत्र बनाया जाता है इसकी डिमांड दुनिया में खाड़ी देशों समेत 35 देशों में है। इसका प्रयोग दवाई के रूप में भी किया जाता है।

कन्नौज,  संवाददता। आयकर विभाग के छापे के बाद सुर्खियों में आए इत्र कारोबारी फौजान मलिक के यहां तैयार होने वाला खास इत्र 'मोहसिन शमामा' दुनिया के 35 देशों में बिकता है और सबसे महंगे इत्रों में शुमार है। खाड़ी देशों में इसकी मांग ज्यादा है और महंगा होने की वजह से धनाढ्य वर्ग में इसकी पहुंच ज्यादा है। इसका औषधि के रूप में भी प्रयोग किया जाता है। 

कन्नौज में कई इत्र कारोबारी शमामा का निर्माण करते हैं, लेकिन मोहसिन शमामा सबसे पुराना है। वर्ष 1896 में स्थापित की गई फर्म मोहम्मद याकूब मोहम्मद अयूब परफ्यूमर्स प्राइवेट लिमिटेड ने शमामा का व्यापार खाड़ी देशों से शुरू किया था। बाद में मोहम्मद याकूब मलिक के बेटे मलिक मियां ने कारोबार संभाला तो अपने नाम से शमामा को लांच किया। बाद में उन्होंने अपने भाई मोहसिन के नाम से शमामा बनाया, जिसे खाड़ी देशों में प्रसिद्धि मिली और बाजार में इसकी मांग बढ़ी। आज मोहसिन शमामा सऊदी अरब, ईरान-इराक, ओमान, कुवैत आदि 35 देशों में प्रसिद्ध है।

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विदेश में कीमत चार लाख रुपये प्रतिकिलो : मोहसिन शमामा विदेश में काफी महंगा बिकता है। वहां यह चार लाख रुपये प्रतिकिलो तक है, जबकि भारत मेें यह डेढ़ से दो लाख रुपये में मिल जाता है। इत्र कारोबारियों ने बताया कि शमामा भी इत्र की तरह फूलों से बनाया जाता है, लेकिन इसमें कई जड़ी-बूटियां मिलाईं जातीं हैं, जिससे इसकी खुशबू गहरी हो जाती है, जो कपड़ों पर कई दिन तक रहती है। शमामा एक फारसी शब्द है, जिसका हिंदी में अर्थ होता है अच्छी सुगंध। शमामा प्राकृतिक गुणों से भरपूर होता है, इसे अल्कोहल मुक्त रखा जाता है।

इन बीमारियों में कारगर : शमामा कई बीमारियों में कारगर है। नींद न आना, एंजाइटी, स्ट्रेस (तनाव), नजला व जुकाम में शमामा औषधि की तरह काम करता है। अल्कोहल मुक्त होने के कारण कोई साइड इफेक्ट भी नहीं है।

2016 में हुआ था मलिक मियां का इंतकाल : मलिक मियां का इंतकाल वर्ष 2016 में लंबी बीमारी के चलते हो गया था। उनके भाई मोहसिन, फैसल और अब्दुल हामिद हैं। मलिक मियां ने दो शादी की थी, जिनसे उनके पांच बेटे फौजान मलिक, अब्दुल्ला, रहमान, खुर्रम और छोटे मलिक हैं।