बैंक धोखाधड़ी के मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, ओमकार ग्रुप व अभिनेता सचिन जोशी की 410 करोड़ की संपत्ति अटैच

 

ओमकार ग्रुप व अभिनेता सचिन जोशी की 410 करोड़ की संपत्ति अटैच (सोर्स- जागरण.काम, फाइल फोटो)

ईडी ने बैंक धोखाधड़ी के मामले में मुंबई के रियल्टी समूह ओमकार रियल्टर्स और अभिनेता-निर्माता सचिन जोशी की एक कंपनी की कुल 410 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की है। यस बैंक से लिए गए 410 करोड़ रुपये के कर्ज को लेकर धोखाधड़ी करने का आरोप है।

नई दिल्ली, प्रेट्र: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बैंक धोखाधड़ी के मामले में मुंबई के रियल्टी समूह ओमकार रियल्टर्स और अभिनेता-निर्माता सचिन जोशी की एक कंपनी की कुल 410 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की है। तेलुगु और हिंदी फिल्मों में अभिनय कर चुके जोशी जेएमजे ग्रुप प्रमोटर और कारोबारी जेएम जोशी के बेटे हैं। जेएम जोशी का गुटखा व पान मसाला और होटल से जुड़ा कारोबार है।

ईडी ने बताया, मुंबई के वर्ली में स्थित ओमकार ग्रुप की ओमकार 1973 इमारत के टावर सी में 330 करोड़ रुपये के फ्लैट और सचिन जोशी के वाइकिंग समूह के पुणे के विराम में स्थित 80 करोड़ रुपये के भूखंड को अटैच किया गया। निदेशालय ने पिछले साल जनवरी में यहां पर छापा मारा था और मार्च में आरोप पत्र दाखिल किया था। इसमें ओमकार रियल्टर्स एंड डेवलपर्स के अध्यक्ष कमल किशोर गुप्ता (62), इसके प्रबंध निदेशक बाबूलाल वर्मा (51) और सचिन जोशी (37) एवं उनकी कंपनी का नाम शामिल था।

लोन के पैसे का दुरुपयोग

ईडी ने तीनों को पिछले साल गिरफ्तार किया था। जोशी को पिछले साल सितंबर में सुप्रीम कोर्ट ने चार महीने की जमानत दे दी थी और अन्य दो न्यायिक हिरासत में हैं। मामला गुप्ता और वर्मा के खिलाफ औरंगाबाद पुलिस द्वारा 2020 में दर्ज प्राथमिकी पर आधारित है, जिसमें 'आनंद नगर झुग्गी बस्ती पुनर्वास प्राधिकार' के पुनर्विकास के लिए यस बैंक से लिए गए 410 करोड़ रुपये के कर्ज को लेकर धोखाधड़ी करने और इस धन का इस्तेमाल किसी अन्य काम के लिए करने का आरेाप लगाया गया है।

रिश्वत में बैंक कर्मी गिरफ्तार

सीबीआई ने महाराष्ट्र के अमरावती में भारतीय स्टेट बैंक के एक कर्मचारी व उसके सहयोगी को रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी के मुताबिक, बैंक के होम लोन डिवीजन में सेल्स एग्जीक्यूटिव अमर खड़े व उसके सहयोगी निखिल के खिलाफ 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगा था। होम लोन को किसी अन्य बैंक में ट्रांसफर करने के एवज में वह एक शख्स से रिश्वत की मांग कर रहे थे। पहली किश्त में 10 हजार रुपये ले चुके थे।