पुराने सिस्टम से नए जमाने का काम, क्या ऐसे होगा वैक्सीनेशन का लक्ष्य पूरा

 

पुराने सिस्टम से नए जमाने का काम, क्या ऐसे होगा वैक्सीनेशन का लक्ष्य पूरा

 परिस्थितियों के प्रतिकूल होने के बाद भी चंदवा प्रखंड में एक लाख से अधिक कोरोना जांच और वैक्सीनेशन किया जा चुका है। डाटा इंट्री के लिए विभाग द्वारा कितने नेट पैक का भुगतान किया गया तो ज्ञात हुआ कि उक्त राशि शून्य है।

लातेहार संवाददाता। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चंदवा में संसाधनों के बगैर अल्प वेतनमान (मानदेय) संविदा पर बहाल कर्मियों का सुधी लेने वाला कोई नहीं है। संसाधनों के बिना वो कैसे कार्य कर रहे हैं ? उन्हें क्या सुविधाएं चाहिए, पूछना और उसकी पूर्ति करना तो दूर उनके बेहतर कार्य के लिए उन्हें प्रोत्साहित करने से भी अबतक परहेज ही किया गया है।

मोबाइल के भरोसे वैक्सीनेशन एंट्रीपरिस्थितियों के प्रतिकूल होने के बाद भी चंदवा प्रखंड में एक लाख से अधिक कोरोना जांच और वैक्सीनेशन किया जा चुका है। डाटा इंट्री के लिए विभाग द्वारा कितने नेट पैक का भुगतान किया गया तो ज्ञात हुआ कि उक्त राशि शून्य है। संविदाकर्मियों के मोबाइल और डाटा पैक से ही सारे कार्य संपन्न हुए। जानकारी के अनुसार इतने कार्याें के संपादन के बीच कई लोगों के मोबाइल हैंग हो चुके हैं।

नहीं हुआ वैरिफायरों का भुगतान

कोविड काल में थोड़े पैसों के लिए जान हथेली पर रखकर कार्य करनेवाले वैरिफायरों के मानदेय का भुगतान नहीं होना विभाग की उदासीनता को दर्शाता है। वैरिफायरों के अनुसार जनवरी 2021 में वैक्सीनेशन शुरू होेने के दौरान यह बताया गया कि डाटा इंट्री करनेवालों को पांच सौ के साथ भोजन के लिए एक सौ रुपये दिए जाएंगे। राशि की आस में वो तब से लेकर वर्तमान समय तक लगातार कार्य कर रहे हैं। अबतक सिर्फ छह दिनों के कार्य की राशि का भुगतान किया गया है। शेष राशि के भुगतान के लिए विभाग तरह-तरह के बहानेबाजी कर रहा है। वैरिफायरों की मानें तो सीएचसी प्रभारी से कई बार गुहार लगाने के बाद भी इसपर सार्थक पहल नहीं की जा रही।

डीसी और सीएस के आदेश के बाद भी मेडिकल अफसर नहीं पहुचंते वैक्सीनेशन केंद्र

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार डीसी और सीएस के आदेश के बाद भी सीएचसी प्रभारी को छोड़कर कोई भी मेडिकल अफसर सुदूरवर्ती वैक्सीनेशन केंद्र नहीं पहुंचते।

आयुष्मान योजना का लाभ दिए जाने के लिए सार्थक पहल की जरूरत

आउटसोर्सिंग पर कार्यरत कर्मियों का मानदेय 8-10 हजार है। ऐसे में निष्ठा के साथ कार्य करनेवाले इन संविदाकर्मियों को आयुष्मान योजना के लाभ दिया जा सकता है।कर्मियों की कमी के बावजूद दो एमपीडब्ल्यू जिला में और एक बालूमाथ में प्रतिनियुक्त है। चंदवा सीएचसी में कर्मियों की कमी के बावजूद एमपीडब्ल्यू मनीष कुमार और रविन्द्र कुमार जिला कार्यालय लातेहार में तो तीसरा गुलाम कुरैशी बालूमाथ में प्रतिनियुक्त हैं। जानकारी के अनुसार चंदवा सीएचसी के अलावा प्रखंड के अन्य केंद्रों में 20 से ऊपर एमपीडब्ल्यू कार्यरत है जबकि चंदवा में सिर्फ छह।

नौकरी जाने और पदाधिकारियों के भय से ड्यूटी के साथ देर रात तक घर में करना पड़ता है कार्य

पदाधिकारियों के भय और ड्यूटी जाने के भय से इन संविदाकर्मियों को फिल्ड के साथ सेशन को पूर्ण करने के लिए देर रात तक अपने घर में कार्य करना पड़ता है।कहते हैं प्रभारी: सीएचसी प्रभारी डा. नंद कुमार पांडेय ने इस बावत बताया कि जिला को इसके लिए लिखा गया है। नाॅमर्स के अनुसार भुगतान करने के लिए जिला प्रशासन के निर्देश का इंतजार है।