कड़कड़डूमा कोर्ट ने मंडोली जेल अधीक्षक को जारी किया नोटिस, अगली सुनवाई में पेश होने का भी निर्देश, पढ़िए क्या है पूरा मामला?

 

कड़कड़डूमा कोर्ट ने मंडोली जेल अधीक्षक को नोटिस जारी किया है।

दिल्ली दंगे के दौरान करावल नगर में हत्या के मामले में निर्देश न मानने पर बुधवार को कड़कड़डूमा कोर्ट ने मंडोली जेल अधीक्षक को नोटिस जारी किया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र भट्ट की कोर्ट ने कहा कि जेल अधीक्षक का ऐसा आचरण बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

कार में बैठकर सुनवाई में पेश होने पर फटकार

दंगे के दौरान खजूरी खास इलाके में उपद्रव व चोरी के मामले में मंगलवार को सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी एसआइ राजीव कुमार कार में बैठे-बैठे आनलाइन सुनवाई में पेश हो गए। इस पर मुख्य महानगर दंडाधिकारी अरुण कुमार गर्ग की कोर्ट ने जांच अधिकारी को फटकार लगाई। साथ ही स्पष्टीकरण तलब कर लिया। कोर्ट ने जांच अधिकारी को निर्देश दिया है कि वह अपना स्पष्टीकरण उत्तर पूर्वी जिले के डीसीपी के माध्यम से भेजें। उसमें बताएं कि उन्होंने ऐसा क्यों किया।

राष्ट्रगान और वंदेमातरम गाने के लिए मजबूर करने की घटना

वर्ष 2020 में हुए दिल्ली दंगे के दौरान 23 वर्षीय फैजान को राष्ट्रगान और वंदेमातरम गाने के लिए मजबूर करने की घटना की जांच में देरी होने पर दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस पर सवाल उठाया है। न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता की पीठ ने संबंधित पुलिस उपायुक्त के हस्ताक्षर के साथ जांच की विस्तृत स्थिति पेश करने का निर्देश दिया है। इस दौरान पीठ को पुलिस ने सूचित किया कि इस मामले में एक हेड कांस्टेबल से पूछताछ की है। इस पर पीठ ने टिप्पणी करते हुए कहा कि घटना को दो साल हो गए हैं। क्या आप किसी व्यक्ति को पहचानने में सक्षम हैं? अभी तक वीडियो की उत्पत्ति का पता क्यों नहीं चला। मामले में अगली सुनवाई 22 फरवरी को होगी।

यह मामला एक वायरल हुए एक वीडियो से जुड़ा है। जिसमें कुछ पुलिसकर्मी फैजान को पीट रहे थे और राष्ट्रगान और वंदेमातरम गाने के लिए मजबूर कर रहे थे। फैजान की मां किस्मतुन ने याचिका दायर कर उसके बेटे की मौत की जांच के लिए विशेष जांच दल गठित करने की मांग की थी। याचिका में दावा किया है कि उसके बेटे को पुलिस ने अवैध हिरासत में लिया और स्वास्थ्य देखभाल से वंचित कर दिया। इसके कारण 26 फरवरी 2020 को उसकी मौत हो गई थ

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