प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में बदलाव, अब खेल विश्वविद्यालय के शिलान्यास से पूर्व मेरठ के इन स्‍थलों पर भी जाएंगे

 

मेरठ में प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में बदलाव

 मेरठ के गांव सलावा में रविवार को प्रधानमंत्री खेल विश्वविद्यालय का शिलान्यास करेंगे। पहले जारी कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री का हेलीकाप्टर दोपहर 12.55 बजे हेलीपैड पर उतरना था। अब इस कार्यक्रम में बदलाव किया गया है।

मेरठ, संवाददाता। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दो जनवरी को मेरठ में खेल विश्वविद्यालय का शिलान्यास करेंगे। शनिवार शाम उनके कार्यक्रम में बदलाव किया गया है।

अब यह रहेगा कार्यक्रम, सबसे पहले पहुंचेंगे शहीद स्मारक

परिवर्तित कार्यक्रम के अनुसार सुबह 11:35 बजे आर्मी हेलीपैड पर प्रधानमंत्री का हेलीकाप्‍टर उतरेगा। यहां से शहीद स्मारक जाएंगे। वहां अमर जवान ज्योति और राजकीय स्वतंत्रता संग्राम संग्रहालय पहुंचेंगे। यहां से औघड़नाथ मंदिर पहुंचकर दर्शन करेंगे। जिसके बाद फिर से आर्मी हेलीपैड पहुंचेंगे और हेलीकाप्टर से कार्यक्रम स्थल पर बनाए गए हेलीपैड पर उतरेंगे। कार्यक्रम स्थल पर प्रधानमंत्री 1:00 बजे पहुंचेंगे। एक बजे से 2.15 बजे तक प्रधानमंत्री मंच पर रहेंगे। 2.20 बजे वे हेलीपैड पर पहुंचेंगे और 2.25 पर उनका हेलीकाप्टर उड़ान भरेगा।

सीसीटीवी की निगरानी में होगा कार्यक्रम

कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए जा रहे हैं। मंच से लेकर सभा स्थल के हर हिस्से पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा सभा स्थल पर तैनात किए जाने वाले पुलिसकर्मियों को भी विशेष रूप से निर्देशित किया गया है।

राज्यपाल के कार्यक्रम में भी बदलाव

खेल विश्वविद्यालय के उद्घाटन समारोह में शामिल होने आज आ रहीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का कार्यक्रम रद हो गया है। अब राज्यपाल लखनऊ से सीधे कल यानि रविवार को कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगी। कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति को राजभवन ने फोन कर यह जानकारी दी है। मुख्‍यमंत्री भी कार्यक्रम के दौरान मौजूद रहेंगे।  

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हाकी के जादूगर के नाम पर होगा प्रदेश का पहला खेल विश्वविद्यालय 

मेरठ। सरधना के सलावा में बनने जा रहा प्रदेश का पहला खेल विश्वविद्यालय हाकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के नाम पर होगा। लगभग 700 करोड़ रुपये की लागत से 36.98 हेक्टेयर जमीन में इसका निर्माण होगा। यहां ओलिंपिक खेल जैसे-हाकी, वालीबाल, ट्रैक एंड फील्ड, शूटिग रेंज, जैवेलिन थ्रो, भारोत्तोलन व कुश्ती आदि के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं दी जाएंगी। भारत के परंपरागत खेल मलखंब, खो-खो आदि के प्रोत्साहन के लिए भी प्रशिक्षण होगा।