अब ट्रेन मैनेजर कहलाएंगे रेलवे के गार्ड, रेलवे बोर्ड ने जारी किया दिशा-निर्देश

 


अब ट्रेन मैनेजर कहलाएंगे रेलवे के गार्ड, रेलवे बोर्ड ने जारी किया दिशा-निर्देश। प्रतीकात्‍मक फोटो

नई व्यवस्था के तहत 1900 ग्रेड पे पर तैनात असिस्टेंट गार्ड अब असिस्टेंट पैसेंजर ट्रेन मैनेजर 2800 ग्रेड पे पर तैनात गुड्स गार्ड अब गुड्स ट्रेन मैनेजर 4200 ग्रेड पे पर तैनात सीनियर गुड्स गार्ड अब सीनियर गुड्स ट्रेन मैनेजर कहे जाएंगे।

गोरखपुर,संवाददाता। नए साल में रेलवे बोर्ड ने ट्रेनों में चलने वाले गार्डों को सम्मान दिया है। अब वे ट्रेन मैनेजर कहलाएंगे। रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल महाप्रबंधकों को इस आशय का दिशा-निर्देश जारी कर दिया है। नई व्यवस्था के तहत 1900 ग्रेड पे पर तैनात असिस्टेंट गार्ड अब असिस्टेंट पैसेंजर ट्रेन मैनेजर, 2800 ग्रेड पे पर तैनात गुड्स गार्ड अब गुड्स ट्रेन मैनेजर, 4200 ग्रेड पे पर तैनात सीनियर गुड्स गार्ड अब सीनियर गुड्स ट्रेन मैनेजर, 4200 ग्रेड पे पर तैनात सीनियर पैसेंजर गार्ड अब सीनियर पैसेंजर ट्रेन मैनेजर तथा 4200 ग्रेड पे पर तैनात एक्सप्रेस गार्ड अब एक्सप्रेस ट्रेन मैनेजर कहलाएंगे।

रेलवे कर्मचारी संगठन कर रहा था मांग

गार्डों का नाम बदलने को लेकर रेलवे कर्मचारी संगठन लगातार मांग कर रहे थे। आल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन (एआइआरएफ) ने महामंत्री शिव गोपाल मिश्र के नेतृत्व में बोर्ड के साथ आयोजित स्थायी वार्ता तंत्र (पीएनएम) की बैठक में सम्मान के इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। बोर्ड ने एआइआरएफ की मांग को स्वीकार भी कर लिया था। बोर्ड के इस फैसले पर कर्मचारी संगठनों ने खुशी जताई है।

एआइआरएफ के संयुक्‍त मंत्री ने किया स्‍वागत

एआइआरएफ के संयुक्त महामंत्री व एनई रेलवे मजदूर यूनियन (नरमू) के महामंत्री केएल गुप्त ने रेलवे बोर्ड के इस निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने कहा है कि नए पद नाम से गार्डों का सम्मान बढ़ेगा। उन्होंने रेलवे प्रशासन ने बोर्ड के दिशा-निर्देश का अनुपालन सुनिश्चित कराने की मांग की है।

इंडिया रेलवे गार्ड काउंसिल ने रेलवे बोर्ड के प्रति जताया आभार

पद नाम बदलने पर आल इंडिया रेलवे गार्ड काउंसिल ने भी रेलवे बोर्ड के प्रति आभार जताया है। काउंसिल के जोनल अध्यक्ष रविंद्र सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष अनिल कुमार, केंद्रीय सहायक महामंत्री जीबीएस त्रिपाठी और नसीमुर्रहमान आदि पदाधिकारियों का कहना है कि रेलवे बोर्ड ने गार्डों की भी सुध ली है। काउंसिल बोर्ड से लगातार पद नाम बदलने की मांग कर रहा था।