देश में पहले भी हुए कौन-कौन से बड़े ट्रेन हादसे, बड़ी संख्या में यात्रियों को गंवानी पड़ी थी जान

 

साल 2012 में लगभग 14 ट्रेन हादसे हुए थे (फाइल फोटो)

भारत में ट्रेन दुर्घटनाओं का पुराना इतिहास रहा है। खराब मौसम के चलते व कई बार तकनीकि दिक्कतों के चलते देश में कई बड़ी ट्रेन दुर्घटनाएं हुईं हैं। इन ट्रेन दुर्घटनाओं में कई यात्रियों को अपनी जान गंवानी पड़ी है।

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में गुरुवार शाम को बड़ा ट्रेन हादसा हो गया। उत्तर बंगाल के जलपाईगुड़ी के मयनागुड़ी में बीकानेर एक्सप्रेस की 12 बोगियां पटरी से पलट गईं। इस ट्रेन दुर्घटना में सैकड़ों लोगों के हताहत होने की आशंका है। वहीं, भारत में ट्रेन दुर्घटनाओं का पुराना इतिहास रहा है। खराब मौसम के चलते व कई बार तकनीकि दिक्कतों के चलते देश में कई बड़ी ट्रेन दुर्घटनाएं हुईं हैं। इन ट्रेन दुर्घटनाओं में कई यात्रियों को अपनी जान गंवानी पड़ी है।यदि देश के अलग-अलग हिस्सों में हुए पूर्व की ट्रेन दुर्घटनाओं की बात करें तो उत्तर प्रदेश में एटा जिले के पास 7 जुलाई 2011 को छपरा-मथुरा एक्सप्रेस एक बस से टकरा गई। इस हादसे में 69 लोगों की जान चली गई थी। उत्तर प्रदेश के एटा जिले का यह हादसा मानवरहित क्रासिंग पर हुआ था। ट्रेन की रफ्तार काफी तेज थी और बस करीब आधे किलोमीटर तक घिसटती चली गई थी। उस वक्त बस की छत पर भी काफी लोग बैठे थे, जो टक्कर के बाद दूर जाकर गिरे थे।

ऐसा ही एक हादसा उत्तर प्रदेश के कानपुर के पास पुंखरायां में हुआ था। 20 नवंबर 2016 को पुखरायां रेलवे स्टेशन के पास हुए ट्रेन हादसे में कम से कम 150 यात्रियों ने अपनी जान गवाई थी।

भारतीय रेलवे के इतिहास में साल 2012 हादसों के मामले से सबसे बुरे सालों में से एक रहा है। साल 2012 में लगभग 14 ट्रेन हादसे हुए थे। इस साल ट्रेन के डिब्बे पटरी से उतरने और आमने-सामने ट्रेनों की टक्कर दोनों तरह के हादसे हुए थे। 30 जुलाई 2012 को दिल्ली से चेन्नई जाने वाली तमिलनाडु एक्सप्रेस के एक कोच में नेल्लोर के पास आग लग गई थी जिसमें 30 से ज्यादा यात्रियों की मौत हुई थी।

वहीं, 22 जनवरी 2017 को आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले में एक बड़ा ट्रेन हादसा हो गया था। हीराखंड एक्सप्रेस के आठ डिब्बे पटरी से उतर गए थे। इस ट्रेन हादसे में करीब 39 लोगों की जान चली गई थी।