देश के करोड़ों लोगों की उम्मीदें जगाने वाला है दिल्ली एम्स के शोध का यह नतीजा

 

देश के करोड़ों लोगों की उम्मीदें जगाने वाला है दिल्ली एम्स के शोध का यह नतीजा

विशेषज्ञों का कहना है कि पहले हुआ संक्रमण व टीकाकरण तीसरी लहर को घातक होने से बचा रहा है। काफी संख्या में लोग संक्रमित हो रहे हैं लेकिन इनमें से काफी कम संख्या में मरीजों को अस्पताल पहुंचना पड़ रहा है।

नई दिल्ली  ,surender aggarwal।  दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के शोध में यह बात सामने आई है कि कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण मजबूत कवच है। टीके की दोनों डोज लेने वाले स्वास्थ्य कर्मी कोरोना की दूसरी लहर में डेल्टा जैसे घातक स्ट्रेन के संक्रमण से बचे रहे। तीसरी लहर में भी टीकाकरण सुरक्षा का मजबूत कवच साबित हो रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि पहले हुआ संक्रमण व टीकाकरण तीसरी लहर को घातक होने से बचा रहा है। काफी संख्या में लोग संक्रमित हो रहे हैं, लेकिन इनमें से काफी कम संख्या में मरीजों को अस्पताल पहुंचना पड़ रहा है। टीके की दोनों डोज लेने वाले गंभीर रूप से बीमार नहीं पड़ रहे हैं। इस तरह से टीकाकरण अपने मकसद में सफल हो रहा है।

इस अभियान को आगे बढ़ाते हुए किशोरों का टीकाकरण शुरू किया गया है। इसे लेकर किशोर और उनके अभिभावक उत्साहित हैं। सोमवार को स्वास्थ्य कर्मियों, अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों और पुरानी बीमारियों से पीड़ित 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों को सतर्कता डोज देने का काम भी शुरू हो गया है। पहले चरण में 9.30 लाख लोगों को सतर्कता डोज दी जानी है फिलहाल सभी बुजुर्गों को सतर्कता डोज नहीं मिलेगी। रजिस्ट्रार जर्नल आफ इंडिया (आरजीआइ) द्वारा दिल्ली सरकार को भेजे गए आंकड़ों के अनुसार राजधानी में तीन लाख 80 हजार आठ सौ बुजुर्गों को सतर्कता डोज दी जानी है। हालांकि, इसके लिए बुजुर्ग को टीकाकरण केंद्र पर अपने साथ कोई चिकित्सीय प्रमाण पत्र या डाक्टर की पर्ची लेकर जाने की जरूरत नहीं।

गौरतलब है कि टीके की दूसरी डोज मिले नौ माह हो गया है और मधुमेह, ब्लेड प्रेशर या किसी अन्य गंभीर बीमारी से बुजुर्ग पीड़ित हैं तो उन्हें सतर्कता डोज देने से इनकार नहीं किया जाएगा। सभी पात्र लोगों को इस अभियान को सफल बनाने में अपना योगदान देना चाहिए। बिना किसी हिचक के उन्हें सतर्कता डोज के लिए आगे आना चाहिए। साथ ही टीकाकरण से रह गए लोगों को अविलंब टीकाकरण केंद्र पहुंचना चाहिए। यह उनकी और सभी दिल्लीवासियों की सुरक्षा के लिए जरूरी है।