निगम चुनाव से पहले दिल्ली भाजपा में होगा अनुसूचित जनजाति मोर्चा का गठन

 

दिल्ली भाजपा में होगा अनुसूचित जनजाति मोर्चा का गठन

भाजपा दिल्ली में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए अलग-अलग वर्गों को साधने में जुटी है। इसके लिए कई नए प्रकोष्ठ बनाए गए हैं। अब अनुसूचित जनजाति को अपने साथ जोड़ने के लिए अलग से मोर्चा बनाने की तैयारी है।

नई दिल्ली। भाजपा दिल्ली में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए अलग-अलग वर्गों को साधने में जुटी है। इसके लिए कई नए प्रकोष्ठ बनाए गए हैं। अब अनुसूचित जनजाति को अपने साथ जोड़ने के लिए अलग से मोर्चा बनाने की तैयारी है। निगम चुनाव से पहले अनुसूचित जनजाति मोर्चा की घोषणा हो सकती है। आदिवासी विकास परिषद का एक प्रतिनिधि मंडल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता से मिला। परिषद के अध्यक्ष तोता राम, संरक्षक वीरा राम भील, महामंत्री सीएल मीणा एवं किशोर कुमार भील ने अनुसूचित जनजाति की समस्याओं की जानकारी देकर उसे हल कराने की मांग की।उन्होंने कहा कि राजधानी में लाखों की संख्या में इस वर्ग के लोग रहते हैं। इसके बावजूद उन्हें राजनीतिक पहचान नहीं मिली है। उनकी समस्याओं को नजरअंदाज किया जाता है। भाजपा को इनकी समस्याएं हल कराने के लिए सकारात्मक कदम उठाना चाहिए। उन्होंने भाजपा को अनुसूचित जनजाति मोर्चा बनाने की सलाह दी।

आदेश गुप्ता ने उन्हें आश्वासन दिया कि दिल्ली भाजपा में जल्द ही अनुसूचित जनजाति मोर्चा का गठन किया जाएगा। प्रदेश भाजपा मीडिया प्रमुख नवीन कुमार जिंदल ने कहा कि दिल्ली के विकास में अनसूचित जनजाति समाज के लोगों का महत्वपूर्ण योगदान है। अलग मोर्चा बनने से इन्हें पहचान मिलेगी। इस मौके पर प्रदेश भाजपा महामंत्री हर्ष मल्होत्रा भी उपस्थित थे। इस समय भाजपा में महिला मोर्चा, युवा मोर्चा, अनुसूचित जाति मोर्चा, अन्य पिछड़ा वर्ग मोर्चा, अल्पसंख्यक मोर्चा व पूर्वांचल मोर्चा है। इसके साथ ही अलग-अलग वर्गों से संबंधित 27 प्रकोष्ठ हैं। प्रकोष्ठ की संख्या भी बढ़ाने की तैयारी है।