आशू भाई गुरुजी पर सामूहिक दुष्कर्म मामले के केस में आया नया मोड़, कोर्ट ने दिया आदेश महिला पर हुआ केस

 

कोर्ट के आदेश पर महिला के साथ उसके साथी राम नरेश और अन्य को किया गया नामजद।

आरोप लगाने वाली महिला के साथ उसके साथी राम नरेश और अन्य साथियों को नामजद किया गया है। शिकायतकर्ता आशू भाई गुरुजी का दावा है कि सामूहिक दुष्कर्म का दावा करने वाली महिला अपने साथियों संग सुनियोजित तरीके से वसूली का रैकेट चलाती है।

नई दिल्ली,  संवाददाता। आशू भाई गुरुजी पर सामूहिक दुष्कर्म का केस दर्ज कराने वाली महिला पर जबरन वसूली का मुकदमा दर्ज किया गया है। कोर्ट के आदेश पर हौजखास थाने में केस दर्ज किया गया है जिसमें आरोप लगाने वाली महिला के साथ उसके साथी राम नरेश और अन्य साथियों को नामजद किया गया है। शिकायतकर्ता आशू भाई गुरुजी का दावा है कि सामूहिक दुष्कर्म का दावा करने वाली महिला अपने साथियों संग सुनियोजित तरीके से वसूली का रैकेट चलाती है।

इसको लेकर अधिवक्ता विशाल चोपड़ा ने बताया कि वर्ष 2018 में दर्ज कराए गए दुष्कर्म केस के मामले में करीब तीन साल से ज्यादा समय तक चली सुनवाई के दौरान विभिन्न तथ्यों को देखते हुए कोर्ट ने शिकायत करने वाली महिला और उसके साथियों पर केस दर्ज करने का आदेश दिया था जिसके आधार पर 23 दिसंबर को यह मामला दर्ज किया गया है। घटना को लेकर शिकायत देते हुए आशू भाई गुरुजी ने बताया था कि आठ सितंबर, 2018 को एक महिला ने राम नरेश शर्मा और अन्य के साथ मिलकर उसके खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म का केस दर्ज कराया था।

इस मामले में उसके अलावा उसके बेटे, मैनेजर व एक अन्य पर गैंगरेप का केस दर्ज कराया था। दावा है कि अगले दिन ही महिला का साथी राम नरेश उनके पास आया और सबकुछ मैनेज करवाने की बात कहकर रुपये की मांग करने लगा। हालांकि, एक्सटार्शन के लिए की गई सारी फोन काल की रिकार्डिग और व्हाट्सएप चैट को आशू भाई गुरुजी के जानकार ने अपने पास सुरक्षित रखते हुए पुलिस के पास शिकायत दे दी। उसी के आधार पर कोर्ट ने महिला और उसके साथियों पर जबरन वसूली का केस दर्ज कराने का आदेश दिया था।