एनडीएमसी बजट: लुटियंस दिल्ली को प्रदूषण मुक्त करने पर जोर

 


डीजल और पेट्रोल वाहनों की खरीद पर लगाई रोक।

पर्यावरण संरक्षण के लिए एनडीएमसी किराये पर ई-स्कूटर उपलब्ध कराएगा। एक बार फिर बजट में इसका प्रस्ताव किया गया है। इसके साथ ही पार्कों को अलग स्वरूप भी देने की तैयारी है। फिलहाल नेहरु पार्क की तर्ज पर संजय पार्क में भी रबड़ का जोगिंग ट्रेक बनाया जाएगा।

नई दिल्ली]। नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) ने बजट में पर्यावरण संरक्षण के बड़े व कड़े निर्णय लेते हुए हरित बजट पेश किया है। इसके तहत कोशिश की गई है कि लुटियंस दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनया जाए। इसमें सबसे पहला निर्णय जहां केवल पर्यावरण हितैषी ऊर्जा का उपयोग किया जाएगा। वहीं, निकाय अपनी जरूरत के लिए कोई भी पेट्रोल व डीजल के वाहनों की खरीद नहीं करेगा। इलेक्ट्रिक वाहनोंं की खरीद और पुराने वाहनोंं को इलेक्ट्रिक वाहनों में परिवर्तित करने पर जोर दिया जाएगा। यहां पर्यावरण हितैषी ऊर्जा से अर्थ है कि ऐसी कोई भी ऊर्जा जो पर्यावरण को नुकसान पहुंचाकर बनाई गई हो उस ऊर्जा की खरीद एनडीएमसी नहीं करेगी। 

हर दिन है 1415 मेगावाट बिजली की खपत

दरअसल, एनडीएमसी फिलहाल 1415 मेगावाट बिजली रोज खरीदती है। इसमें करीब एक हजार मेगावाट बिजली व्यावसायिक गतिविधियों के लिए होती है तो 300 मेगावाट बिजली प्रतिदिन रिहायशी क्षेत्र के उपयोग के लिए खरीदी जाती है। करीब 15 मेगावाट बिजली का उपयोग स्ट्रीट लाइट के संचालन के लिए होता है, जबकि 100 मेगावाट बिजली दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन (डीएमआरसी) को उपलब्ध कराता है। फिलहाल एनडीएमसी एनटीपीसी के नेशनल ग्रिड से बिजली खरीदती है, लेकिन एनडीएमसी ने फैसला लिया है कि वह ऐसे किसी डिस्काम (बिजली आपूर्ति कंपनी) से बिजली को खरीदने के लिए करार नहीं करेगा जो हरित ऊर्जा न बेचता हो। केवल उसी डिस्काम से बिजली के समझौता करेगा जिसके पास हरित बिजली हो।

यह होती है हरित बिजली

उल्लेखनीय है कि हरित बिजली में हाईड्रो इलेक्ट्रिसिटी, अक्षय ऊर्जा और सौर ऊर्जा का उत्पादन शामिल होता है। इसके अतिरिक्त एनडीएमसी ने प्रदूषण को कम करने के लिए डीजल और पेट्रोल के वाहनों की खरीद पर पूरी तरह पाबंदी लगाने का निर्णय लिया है। अब एनडीएमसी केवल बिजली से चलने वाले वाहनों की ही खरीद करेगा। वहीं, बिजली से चलने वाले वाहनों को चार्जिंग की सुविधा मिले इसके लिए 100 ई चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।

मंडी हाउस की स्मार्ट सड़क परियोजना पर जल्द शुरू होगा काम

एनडीएमसी ने सड़कों की सुंदरीकरण की दिशा में स्मार्ट सड़क योजना का काम मंडी हाउस से शुरू करेगी। एनडीएमसी के अनुसार मार्च में इसकी निविदा प्रदान कर दी जाएगी। इसके अतिरिक्त कस्तूरबा गांधी मार्ग का भी सुंदरीकरण किया जाएगा। इसके तहत सड़क किनारे आधुनिक कियोस्क, स्ट्रीट फर्नीचर, पार्किंग सुविधा, स्मार्ट पोल और लोगों के बैठने के लिए पर्याप्त फर्नीचर उपलब्ध होगा।

ई-स्कूटर की मिलेगी सुविधा, पार्क को दिया जाएगा नया स्वरूप

पर्यावरण संरक्षण के लिए एनडीएमसी किराये पर ई-स्कूटर उपलब्ध कराएगा। एक बार फिर बजट में इसका प्रस्ताव किया गया है। इसके साथ ही पार्कों को अलग स्वरूप भी देने की तैयारी है। फिलहाल नेहरु पार्क की तर्ज पर संजय पार्क में भी रबड़ का जौगिंग ट्रैक बनाया जाएगा। इसके साथ ही लोधी गार्डन, नेहरू पार्क, संजय पार्क और तालकटोरा गार्डन को स्मार्ट सिटी के अनुरुप नए स्वरूप में विकसित किया जाएगा। इन पार्कों में सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा।

सुरक्षित साइकिलिंग के लिए विशेष ट्रेक

नागरिक साइकिल का उपयोग सुरक्षित तरीके से कर सकें इसके लिए एनडीएमसी विशेष साइकिल ट्रैक तैयार कर रहा है। इसका कार्य इस वर्ष पूरा किया जाने का लक्ष्य है। इसके तहत रफी मार्ग, कृषि भवन, उद्योग भवन, निर्माण भवन और राजाजी मार्ग को जोड़ने वाले न्यू मोती बाग से उत्तर और दक्षिण ब्लाक तक एक समर्पित साइकिल ट्रैक बनाने के लिए एनडीएमसी स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्चिटेक्ट के साथ मिलकर कर रहा है। इस वर्ष नेहरु पार्क के चारों ओर भी समर्पित साइकिल ट्रैक बनाने का कार्य किया जाएगा।

सभी सुविधाओं को एक स्थान पर देगा सिटीजन लाउंज

एनडीएमसी शहीद भगत सिंह पैलेस में पालिका सिटीजन लाउंज विकसित कर रहा है। इसमें सभी विभागों से लेकर सभी सेवाएं एक ही स्थान र मिलेगी। नागरिकों को आरामदायक सुविधा प्रदान करने के लिए यहां पर निजी कंपनी के माध्यम से सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। जिसका उद्देश्य नागरिकों की परेशानी को कम करना है।

कोरोना काल में मुनाफे का बजट

कोरोना काल में भी एनडीएमसी ने मुनाफे का बजट पेश किया है। एनडीएमसी अध्यक्ष ने काउंसिल की विशेष बैठक में प्रस्तुत किए गए बजट में वर्ष 2022-23 के लिए 4381.43 करोड़ की अनुमानित आय रखी गई है और 4202.48 करोड़ व्यय अनुमानित है। इस तरह से 178.9 करोड़ रुपये का मुनाफा दिखाया गया है। जबकि वर्ष 2021-22 के लिए संशोधित आय 3814.3 करोड़ हैं और संशोधित व्यय 3678.45 करोड़ है। 135.8 करोड़ रुपये का मुनाफा है। एनडीएमसी ने संपत्तिकर की दरों में कोई वृद्धि नहीं की है, लेकिन उम्मीद जताई है कि अगामी वित्त वर्ष में 960 करोड़ की आय होगी जो कि अब तक की सर्वाधिक होगी।

पुरानी योजना को नए तरीके से पेश करने की कोशिश

एनडीएमसी के अध्यक्ष धर्मेंद्र द्वारा प्रस्तुत किए गए बजट में पुरानी योजनाओं को नए तरह पेश करने की कोशिश की गई है। चाहे स्मार्ट सड़कों के तहत केजी मार्ग और मंडी हाउस का सुंदरीकरण हो या फिर साइकिल ट्रेक बनाने की बात हो। इतना ही नहीं ई-स्कूटर जैसी योजनाओं का दोहराव किया गया है। पूर्व अध्यक्ष नरेश कुमार ने भी अपने बजट में इन योजनाओं का प्रस्ताव किया था। जो कि अब तक पूरी नहीं है।

इस वर्ष कोई नया कर नहीं लगाया गया है जबकि नागरिक सुविधाओं में विस्तार देने की कोशिश की गई है। इस वर्ष हम राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करेंगे। जबकि कक्षा छह से 12 तक के कक्षाओं को स्मार्ट क्लास में बदलने के बाद अब प्राथमिक कक्षाओं को स्मार्ट क्लास रूम में परिवर्तित किया जाएगा। गोलचक्कर और चोराहों का सुंदरीकरण किया जाएगा।

सतीश उपाध्याय, उपाध्यक्ष, नई दिल्ली नगर पालिका परिषद

वर्ष 2022-23 के लिए अनुमानित बजट

  • आय: 4381.43 करोड़ रुपये
  • व्यय: 4202.48 करोड़ रुपये
  • अतिरिक्त: 178.9 करोड़ रुपये

वर्ष 2021-22 के लिए संशोधित बजट

  • आय: 3814.3 करोड़ रुपये
  • व्यय: 3678.45 करोड़ रुपये
  • अतिरिक्त: 135.8 करोड़
रुपये