भारत बनेगा दुनिया का टॉप सेमीकंडक्टर प्रोवाइडर देश: राजीव चंद्रशेखर

 


फोटो क्रेडिट - यहे सेमीकंडक्टर की प्रतीकात्मक फाइल फोटो है।

केंद्रीय मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी (MeitY) की तरफ से 100 दिनों का प्लान तैयार किया गया है। जिससे भारत को ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने में मदद मिलेगी। केंद्र सरकार की तरफ से हाल ही में भारत में सेमीकंडक्टर मिशन सेटअप करने का फैसला लिया।

नई दिल्ली, आइएएनएस। भारत की पहचान पिछले कुछ वर्षों में सॉफ्टवेयर प्रोवाइडर देश के तौर पर बन गई है। लेकिन अब भारत इससे आगे बढ़कर दुनिया में टॉप इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम और सेमीकंडक्टर डिजाइन वाला देश बनना चाहता है। केंद्र सरकार की मानें, तो अगले 5 से 7 साल में भारत दुनिया का टॉप सेमीकंडक्टर बनाने वाला देश होगा। इससे ग्लोबली चिपसेट कमी की समस्या खत्म हो जाएगी।

केंद्र सरकार ने बनयाा 100 दिनों का प्लान केंद्रीय मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी (MeitY) की तरफ से 100 दिनों का प्लान तैयार किया गया है। जिससे भारत को ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने में मदद मिलेगी। केंद्रीय मंत्री ने माइक्रोसॉफ्ट फ्यूचर रेडी वर्चुअल इवेंट में कहा कि हमारे पास इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम और मैन्युफैक्चरिंग सर्विस डिजाइन प्रोवाइडर बनने का हुनर रखते हैं। साथ ही हमारे पास अपार संभावनाएं हैं।

सराकर ने 76,000 करोड़ रुपये का किया ऐलान 

केंद्र सरकार ने हाल ही में भारत में सेमीकंडक्टर मिशन सेटअप करने का फैसला लिया। सरकार की तरफ से हाल ही में 76,000 करोड़ रुपये (10 बिलियन डॉलर) की रकम की मंजूरी दी है। इससे सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले मैन्युफैक्चरिंग के काम में इस्तेमाल किया जाएगा। सरकार इन 76,000 करोड़ रुपये की स्कीम को अगले 6 सालों में जारी करेगी। इस स्कीम के तहत 2.3 लाख करोड़ रुपये भारत को ग्लोबल सेमीकंडक्टर हब बनाने में खर्च किया जाएगा। 

इंटरनेट है भारत की आर्थिक जीवन रेखा 

मंत्री के मुताबिक भारत तेजी से डिजिटल एडॉप्टशन की तरफ बढ़ रहा है। कोविड के दौरान हेल्थ, फिनटेक, एजूकेशन और स्किलर्स के क्षेत्र में काफी ग्रोथ हुआ है। ऐसे में साफ है कि इंटरनेट को केवल सर्फिंग और नेटफ्लिक्स और यू-ट्यूब देखते तक ही सीमित रखना चाहिए. यह वास्तव में लोगों के रोजाना के कार्यों को पूरा करने के लिए है। मौजूदा दौर में इंटरनेट भारत में एक आर्थिक जीवन रेखा बन गया है। कंप्यूटिंग प्रदर्शन की अगली लहर सॉफ्टवेयर ऑप्टिमाइज़ेशन, सेमीकंडक्टर डिज़ाइन, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिज़ाइन और इनोवेशन से आने वाली है।