चीन का जैविक हथियार है कोरोना, सुप्रीम कोर्ट ने आरोप लगाने वाली याचिका खारिज की, जानें क्‍या कहा

 

सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना को जैविक हथियार के रूप में फैलाने के लिए चीन के खिलाफ याचिका खारिज कर दी।

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें आरोप लगाया गया था कि चीन जानबूझकर कोरोना वायरस को जैविक हथियार के रूप में  फैला रहा है।

नई दिल्‍ली, एएनआइ। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें आरोप लगाया गया था कि चीन जानबूझकर कोरोना वायरस को जैविक हथियार के रूप में (COVID-19 virus as a biological weapon) फैला रहा है। जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस एमएम सुंदरेश  की पीठ ने कर्नाटक के एक वकील की ओर से दाखिल याचिका को खारिज कर दिया।  

याचिका में कहा गया है कि नारियल तेल  वायरस को नष्‍ट कर सकता है। याचिका में चीन को वायरस फैलाने से रोकने के लिए केंद्र सरकार को निर्देश देने की मांग की गई है। इस पर सर्वोच्‍च अदालत (Supreme Court) ने फटकार लगाते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि यह याचिका प्रचार स्‍टंट का मध्‍यम है। यह किस तरह की याचिका है? क्या यह अदालत का काम है कि अंतरराष्ट्रीय प्रभाव क्या है और चीन नरसंहार कर रहा है या नहीं?

यह क्या चल रहा है? ऐसा लगता है कि आप चाहते थे केवल अदालत के सामने पेश होने के लिए याचिका दायर करें। याचिका को खारिज करते हुए अदालत ने कहा कि याचिका में आरोप लगाया गया है कि चीन जानबूझकर कोरोना वायरस को जैविक हथियार के रूप में फैला रहा है। आप चाहते हैं कि अदालत  को सरकार को आदेश जारी करना चाहिए। यह सरकार के लिए है। हम ऐसी अनुमति नहीं दे सकते।

याचिकाकर्ता ने पीठ को बताया कि उसने देश के आम लोगों को कोविड-19 की स्थिति से राहत दिलाने के लिए उक्त याचिका दायर की है। सर्वोच्‍च अदालत ने कहा कि हम हर व्‍यक्ति इजाजत नहीं दे सकते जो वायरस के कुछ समाधान के बारे में अनुच्छेद-32 (Article 32) के तहत याचिका दायर करने के लिए सोचता है। किसी ने आपको उपयुक्त प्राधिकारी को सुझाव देने से नहीं रोका है।