समाज में असामनता की खाई पाटने के लिए गरीबी उन्मूलन आवश्यक कदम

 

2022 में जीरो बजट खेती पर तेज गति से कदम बढ़ाए जाने की उम्मीद है। जागरण फोटो

2020-21 में इस योजना के अंतर्गत साढ़े नौ लाख करोड़ से अधिक की राशि लोन के रूप में उद्यमियों को दी गई। यह इसके पहले के वर्ष से 40 प्रतिशत अधिक रही। इस वर्ष भी एमएसएमई सेक्टर के लिए यह सहायता संजीवनी की तरह होगी।

नई दिल्‍ली। विश्व के सामने कोरोना महामारी ने कठिन चुनौतियां प्रस्तुत की हैं। भारत भी इससे अछूता नहीं रहा है। देश ने 2019 में देश से गरीबी उन्मूलन के लिए एक समग्र कार्यक्रम तय किया था। लक्ष्य था, 2022 यानी स्वतंत्रता के 75वें वर्ष में देश को गरीबी से मुक्त करना। इस दिशा में काफी काम हुआ है, लेकिन 2020 की तरह 2021 ने भी कोरोना के कारण कई रुकावटें डालीं। फिर भी गरीब कल्याण की योजनाओं के अंतर्गत काम जारी रहे। आशा की जा रही है कि 2022 में इन योजनाओं को और तेज गति से कार्यान्वित किया जा सकेगा। समाज में असामनता की खाई पाटने के लिए गरीबी उन्मूलन आवश्यक कदम है।

जीरो बजट खेती से कृषि क्षेत्र को नया जीवन देने की तैयारी

  • बीते कुछ दशक में देश में किसानों की संख्या घटी है, लेकिन आज भी बड़ी आबादी कृषि पर निर्भर है। केंद्र किसानों के कल्याण के कई योजनाएं चला रहा है।
  • 2021 दिसंबर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में किसानों की स्थिति और आय बेहतर करने के लिए जीरो बजट खेती का फामरूला सुझाया है।
  • इसके तहत प्राकृतिक तरीके से इस प्रकार खेती को बढ़ावा दिया जाएगा कि किसानों की रासायनिक खाद और कीटनाशकों पर निर्भरता और खर्च कम हो जाए।
  • 2022 में जीरो बजट खेती पर तेज गति से कदम बढ़ाए जाने की उम्मीद है। पीएम ने प्रयोगशाला से सीधे खेत तक कृषि अनुसंधान का लाभ पहुंचाने की बात भी कही।

रूर्बन मिशन से बदली छवि

  • 2022 तक देश से गरीबी मिटाने के क्रम में डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन भी अहम भूमिका निभा रहा है।
  • इसके अंतर्गत ग्राम्य क्षेत्रों में सामुदायिक भवन, रूरल मार्ट बनाने के साथ स्कूलों को भी नया रूप दिया जा रहा है। 27 हजार करोड़ से अधिक का बजट इस योजना में आवंटित किया गया है।
  • देश में इसके तहत 76,207 कार्य होने हैं जिसमें से 31 हजार से अधिक पूर्ण किए जा चुके हैं। 14 हजार से अधिक पर काम जारी है और इस वर्ष पूर्ण होने की उम्मीद है। योजना में कामों की जियोटै¨गग भी की जा रही है। 44 हजार से अधिक कार्य जियोटैग हो चुके हैं।

गरीब कल्याण अन्न योजना जारी रहेगी

  • महामारी काल में देश की करीब 80 करोड़ जनता के लिए केंद्र सरकार की तरफ से मुफ्त राशन की व्यवस्था पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना में की गई।
  • केंद्र सरकार ने मार्च 2022 तक यह योजना बढ़ा दी है। अब इसके अंतर्गत गरीब-वंचितों को अनाज के अलावा खाद्य तेल और नमक भी सरकार की तरफ से प्रदान किए जाने की व्यवस्था की गई है।

एमएसएमई सेक्टर पर खास ध्यान

कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्रों में लघु व मध्यम उद्योग है। छोटे व मंझोले उद्योगों को महामारी काल में सहायता के लिए केंद्र ने लोन देने की योजना शुरू की थी। 2020-21 में इस योजना के अंतर्गत साढ़े नौ लाख करोड़ से अधिक की राशि लोन के रूप में उद्यमियों को दी गई। यह इसके पहले के वर्ष से 40 प्रतिशत अधिक रही। इस वर्ष भी एमएसएमई सेक्टर के लिए यह सहायता संजीवनी की तरह होगी।