सीजेआइ एनवी रमना सहित सुप्रीम कोर्ट के आठ न्यायाधीश इस वर्ष होंगे सेवानिवृत, जानें क्यों समय से नियुक्तियां हैं जरूरी

 

मुकदमों के बोझ से जूझती न्यायपालिका (फाइल फोटो)

नया साल 2022 आ गया है। मुकदमों के बोझ से जूझती न्यायपालिका के समक्ष नये साल में कुछ ज्यादा ही चुनौतियां हैं। न्यायपालिका की सर्वोच्च संस्था सुप्रीम कोर्ट में इस वर्ष प्रधान न्यायाधीश एनवी रमना सहित कुल आठ न्यायाधीश सेवानिवृत होंगे।

नई दिल्ली। नया साल 2022 आ गया है। मुकदमों के बोझ से जूझती न्यायपालिका के समक्ष नये साल में कुछ ज्यादा ही चुनौतियां हैं। न्यायपालिका की सर्वोच्च संस्था सुप्रीम कोर्ट में इस वर्ष प्रधान न्यायाधीश एनवी रमना सहित कुल आठ न्यायाधीश सेवानिवृत होंगे। सेवानिवृत होने वाले न्यायाधीशों में जस्टिस रमना सहित दो प्रधान न्यायाधीश शामिल होंगे। अगर समय से सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की नियुक्तियां नहीं हुईं तो वहां जजों की काफी कमी हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों के कुल मंजूर पद 34 हैं, जिसमें से 33 पर न्यायाधीश काम कर रहे हैं। एक पद अभी भी रिक्त है।

चार जनवरी को सेवानिवृत होंगे जस्टिस आर सुभाष रेड्डी

पहली सेवानिवृति शीतकालीन अवकाश के बाद सुप्रीम कोर्ट खुलने के अगले ही दिन 4 जनवरी को होगी। चार जनवरी को जस्टिस आर सुभाष रेड्डी सेवानिवृत हो रहे हैं। इसके बाद अगली सेवानिवृति मई में होगी। मई से लेकर नवंबर तक हर महीने एक न्यायाधीश सेवानिवृत होगा। अगर न्याय की गति तेज रखनी है तो न्यायपालिका में समय से न्यायाधीशों की नियुक्तियां होना जरूरी है।

देश में पहले ही जनसंख्या के अनुपात में न्यायाधीशों की संख्या कम है। ऐसे में जो पद हैं उनमें समय से नियुक्ति आवश्यक है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट में अभी सिर्फ एक पद ही खाली है। 34 मंजूर पदों में से 33 पर न्यायाधीश काम कर रहे हैं लेकिन अगर समय रहते सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की नियुक्ति नहीं हुई तो वहां न्यायाधीशों की काफी कमी हो सकती है। भारत के प्रधान न्यायाधीश एनवी रमना भी इसी वर्ष 26 अगस्त को सेवानिवृत होंगे।

सेवानिवृत होने वाले न्यायाधीशों में दो सीजेआइ भी होंगे शामिल

वरिष्ठता क्रम के मुताबिक उनके बाद भारत के प्रधान न्यायाधीश बनने वाले जस्टिस यूयू ललित भी आठ नवंबर को सेवानिवृत हो जाएंगे। जस्टिस ललित के बाद वरिष्ठता क्रम के हिसाब से जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ भारत के प्रधान न्यायाधीश बनेंगे जो कि 10 नवंबर 2024 तक यानी दो साल भारत के प्रधान न्यायाधीश पद पर रहेंगे। जस्टिस ललित 2022 में सेवानिवृत होने वाले आखिरी न्यायाधीश होंगे। उनके पहले जस्टिस रमना सहित सात न्यायाधीश रिटायर होंगे।

मई से नवंबर तक हर महीने सेवानिवृत होंगे एक न्यायाधीश

4 जनवरी को जस्टिस आर सुभाष रेड्डी के सेवानिवृत होने के बाद तीन महीने तक फरवरी, मार्च और अप्रैल में सुप्रीम कोर्ट का कोई न्यायाधीश सेवानिवृत नहीं होगा। दस मई को जस्टिस विनीत सरन रिटायर होंगे और अगले महीने सात जून को जस्टिस एल नागेश्वर राव सेवानिवृत होंगे। जस्टिस नागेश्वर राव की अध्यक्षता वाली पीठ ने प्रोन्नति में आरक्षण के मामले में सुनवाई करके अपना फैसला सुरक्षित रखा हुआ है ऐसे में सात जून को उनकी सेवानिवृति से पहले प्रोन्नति में आरक्षण के मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ जाएगा।

मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों का प्रोन्नति में आरक्षण का मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। राज्यों और केंद्र ने प्रोन्नति में आरक्षण के बारे में कोर्ट से कई चीजों को स्पष्ट करने का अनुरोध किया है। जस्टिस राव के बाद अगले महीने 29 जुलाई को जस्टिस एएम खानविल्कर सेवानिवृत होंगे। जस्टिस खानविल्कर सुप्रीम कोर्ट में तीसरे नंबर के वरिष्ठतम न्यायाधीश हैं। 26 अगस्त को प्रधान न्यायाधीश एनवी रमना सेवानिवृत होंगे।

23 सितंबर को जस्टिस इंदिरा बनर्जी रिटायर होंगीं और 16 अक्टूबर को जस्टिस हेमंत गुप्ता सेवानिवृत हो जाएंगे। आठ नवंबर को जस्टिस यूयू ललित सेवानिवृत होंगे जो कि वरिष्ठता ‌क्रम के मुताबिक उस वक्त प्रधान न्यायाधीश बन चुके होंगे और प्रधान न्यायाधीश पद से सेवानिवृत होंगे। जस्टिस ललित, जस्टिस रमना के बाद प्रधान न्यायाधीश बनेंगे और वे इस पद पर करीब ढाई महीने रहेंगे। हालांकि सुप्रीम कोर्ट में पिछले वर्ष एक साथ नौ न्यायाधीशों की नियुक्ति हुई थी, ऐसे में उम्मीद है कि रिक्त होने के साथ ही सुप्रीम कोर्ट में नये न्यायाधीशों की नियुक्ति होती रहेगी।