नवाज शरीफ को वापस लाने की तैयारी कर रही पाक सरकार, मेडिकल रिपोर्ट की जांच के लिए बोर्ड का गठन करने के निर्देश

 

ब्रिटेन में हैं पाकिस्तान के पूर्व पीएम (फाइल फोटो)

आंतरिक मामलों के लिए प्रधानमंत्री के सलाहकार शहजाद अकबर ने कहा कि नवाज शरीफ को पिछले साल दिसंबर महीने में ब्रिटेन में घेर लिया गया था क्योंकि पाकिस्तान सरकार उनके प्रत्यर्पण मामले को सक्रिय रूप से आगे बढ़ा रही थी।

इस्लामाबाद, एएनआइ। इमरान खान सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के प्रत्यर्पण मामले की प्रक्रिया को तेज करने के लिए कदम उठाए हैं। पंजाब सरकार को निर्देश दिए गए हैं कि सरकार को सौंपी गई नवाज शरीफ की मेडिकल रिपोर्ट की जांच के लिए एक मेडिकल बोर्ड का गठन किया जाए। द न्यूज इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, अटार्नी जनरल खालिद जावेद ने बुधवार को पंजाब सरकार के गृह सचिव जफर नसरुल्ला खान को एक पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने दिसंबर में शहबाज शरीफ और नवाज शरीफ द्वारा सौंपी गई मेडिकल रिपोर्ट की जांच के लिए एक मेडिकल बोर्ड का गठन करने के लिए कहा है।इस बीच आंतरिक मामलों के लिए प्रधानमंत्री के सलाहकार शहजाद अकबर ने कहा कि नवाज शरीफ को पिछले साल दिसंबर महीने में ब्रिटेन में घेर लिया गया था क्योंकि पाकिस्तान सरकार उनके प्रत्यर्पण मामले को सक्रिय रूप से आगे बढ़ा रही थी। उन्होंने कहा कि शरीफ दोषी हैं और ब्रिटेन के आव्रजन कानूनों के अनुसार उन्हें विजिट वीजा पाने का भी अधिकार नहीं है।

डान की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा कि गृह सचिव के फैसले को बरकरार रखते हुए नवाज शरीफ को तुरंत ब्रिटेन छोड़ना होगा। उन्होंने कहा, जब शरीफ ने अपने प्रवास में दूसरे विस्तार के लिए आवेदन किया, तो पाकिस्तान ने ब्रिटेन के गृह सचिव के पास आपत्ति दर्ज की और विस्तार के अनुरोध को खारिज कर दिया। उन्होंने आगे बताया कि अब नवाज शरीफ ने आव्रजन न्यायाधिकरण में गृह सचिव के फैसले को चुनौती दी है।

उन्होंने कहा, चूंकि शरीफ के पासपोर्ट की समयसीमा समाप्त हो चुकी है और इसके नवीनीकरण के आवेदन को भी खारिज कर दिया गया है। जब उनका प्रत्यर्पण किया जाएगा तो उन्हें एकमुश्त यात्रा दस्तावेज जारी किए जाएंगे। पंजाब सरकार से अनुरोध है कि याचिकाकर्ता की ओर से मेडिकल रिपोर्ट के रूप में जमा किए गए दस्तावेजों की जांच के लिए एक मेडिकल बोर्ड/समिति का गठन किया जाए ताकि नवाज शरीफ की शारीरिक स्थिति और पाकिस्तान वापस जाने की उनकी क्षमता के बारे में विशेषज्ञ चिकित्सा राय उपलब्ध कराई जा सके।

अटार्नी जनरल ने पंजाब सरकार को बताया कि मेडिकल बोर्ड अदालत में याचिकाकर्ता द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों की जांच कर सकता है और नवाज शरीफ के सभी ज्ञात और रिपोर्ट किए गए तथ्यों और सार्वजनिक गतिविधियों का मूल्यांकन कर सकता है।