बसपा नेता गढ़ी बोले- उनकी पार्टी के दबाव में सीएम चन्नी को दो स्थानों से चुनाव लड़वा रही कांग्रेस

 

फगवाड़ा में आयोजित बैठक के दौरान उपस्थित जसवीर सिंह गढ़ी व अन्य।

पंजाब बसपा प्रमुख ने कहा कि आज कांग्रेस मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को दो विधानसभा सीटों से लड़ाने की कोशिश कर रही है। बसपा इसका स्वागत करती है। बसपा के दबाब के चलते पहले कांग्रेस पार्टी ने एससी वर्ग के चरणजीत सिंह चन्नी को पंजाब का मुख्यमंत्री बनाया।

संवाद सहयोगी, फगवाड़ा। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के पंजाब प्रधान जसवीर सिंह गढ़ी ने बुधवार को कांग्रेस पर जमकर हमला किया। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को दो विधानसभा सीटों से लड़ाने की कोशिश कर रही है। बसपा इसका स्वागत करती है। वह पंजाब के लोगो को बताना चाहते हैं कि बसपा के दबाब के चलते पहले कांग्रेस पार्टी ने एससी वर्ग के चरणजीत सिंह चन्नी को पंजाब का मुख्यमंत्री बनाया और अब विधानसभा चुनावों को लेकर उन्हें आदमपुर और चमकौर साहिब सीट से चुनाव लड़ाना चाहती है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस तरह की रणनीति अपनाकर पंजाब के एससी समुदाय को गुमराह करने की कोशिश कर रही है, जिसमें वह सफल नहीं हो पाएगी। उन्होंने कहा कि सीएम चन्नी ने एससी समाज के लिए 100 करोड़ रुपये अलग-अलग योजनाओं के लिए घोषित किए हैं, लेकिन इनका लाभ एससी समाज को नहीं मिल पाया है। जसवीर सिंह गढ़ी ने कहा कि सीएम चरणजीत सिंह चन्नी एससी चेहरा होते हुए भी एससी वर्ग के कर्मचारियों का कोई भी मसला हल नहीं करवा पाए। इस मौके पर पंजाब हरियाणा और चंड़ीगढ़ के इंचार्ज रणधीर सिंह बेनीपाल, पंजाब इंचार्ज भगवान सिंह चौहान, रजिंदर सिंह रीहल, रमेश कौल, हरजीत सिंह लौंगिया, मनजीत सिंह अटवाल, अजीत सिंह भैणी, प्रदेश महासचिव रजिंदर सिंह व सुखदेव सिंह सीहरा भी उपस्थित थे।

बैठक के दौरान जसवीर सिंह गढ़ी ने कहा कि पूरे पंजाब के बसपा नेता, वर्करों और समर्थकों की अथक मेहनत के चलते आजादी के 74 सालों के बाद पंजाब में बहुजन समाज का आंदोलन खड़ा हो पाया है। इसी के चलते कांग्रेस पार्टी की ओर से दलित मुख्यमंत्री के नाम पर चरणजीत सिंह चन्नी को पंजाब का मुख्यमंत्री बनाया। मुख्यमंत्री चन्नी ने समय-समय पर एससी वर्ग के लिए जो भी घोषणाएं की हैं, उनका लाभ समाज को नहीं मिल पाया है।

इस मौके पर पंजाब हरियाणा और चंड़ीगढ़ के इंचार्ज रणधीर सिंह बेनीपाल, पंजाब इंचार्ज भगवान सिंह चौहान, रजिंदर सिंह रीहल, रमेश कौल, हरजीत सिंह लौंगिया, मनजीत सिंह अटवाल, अजीत सिंह भैणी, प्रदेश महासचिव रजिंदर सिंह व सुखदेव सिंह सीहरा भी उपस्थित थे।