प्रियंका चतुर्वेदी ने 'बुल्ली बाई' ऐप के डेवलपर्स के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, जानें- क्या है पूरा मामला

 

शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी की फाइल फोटो

प्रियंका चतुर्वेदी ने मांग की कि अपराध करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि यह दोहराया न जाए क्योंकि इससे उन महिलाओं का मानसिक उत्पीड़न होता है जिनके नाम और तस्वीरों का इस्तेमाल बिना किसी प्राधिकरण के किया जाता है।

नई दिल्ली, आइएएनएस। इंटरनेट प्लेटफार्म्स पर महिलाओं को टार्गेट करने के साथ ही कई आपत्तिजनक ऐप संचालित किए जा रहे हैं। ऐसे ही आपत्तिजनक 'सुल्ली डील्स' ऐप के महीनों बाद अब 'बुल्ली बाई' नाम का एक और ऐप सामने आया है जो कोड होस्टिंग प्लेटफार्म - गिटहब पर एक विशेष धर्म की महिलाओं को टार्गेट करता है। इस ऐप के डेवलपर्स पर प्रियंका चतुर्वेदी ने कार्रवाई की मांग की है। साथ ही शिवसेना सांसद ने रविवार को महिलाओं को नीचा दिखाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है।उन्होंने कहा, 'मैंने 'सुल्ली डील' का मुद्दा उठाया था, जो एक विशेष धर्म की महिलाओं को निशाना बनाने की कोशिश कर रहा था। मैंने इसे जुलाई में और फिर 7 सितंबर को एक अन्य पत्र में इस बात का मुद्दा उठाया था, लेकिन नवंबर में जवाब मिला कि वे इस पर कार्रवाई करेंगे। यह कार्रवाई और केवल साइटों को तब अवरुद्ध किया गया था और अब 'बुल्ली डील' सामने आई है।'

उन्होंने मांग की कि अपराध करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि यह दोहराया न जाए, क्योंकि इससे उन महिलाओं का मानसिक उत्पीड़न होता है जिनके नाम और तस्वीरों का इस्तेमाल बिना किसी प्राधिकरण के किया जाता है।

पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, छात्रों और प्रसिद्ध हस्तियों सहित महिलाओं की कई तस्वीरों को अपमानजनक सामग्री के साथ इस्तेमाल करने के साथ 'बुल्ली बाई' 1 जनवरी को पाप अप हुआ।

यह है पूरा मामला

'बुल्ली बाई' को @bullibai नाम के एक ट्विटर हैंडल द्वारा भी प्रचारित किया जा रहा था, जो एक स्व-घोषित 'खालिस्तानी समर्थक' की तस्वीर प्रदर्शित करता है, और कहता है कि महिलाओं को ऐप से बुक किया जा सकता है। यह हैंडल उसी समय खालिस्तानी कंटेंट का प्रचार भी कर रहा है।

प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि मामला मुंबई पुलिस के पास है और दोषी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाना चाहिए। मुंबई पुलिस ने कहा कि वे मामले को देख रहे हैं और आईपीसी की संबंधित धारा के तहत मामला दर्ज करने के लिए कानूनी राय ले रहे हैं।

बता दें कि जब 'सुल्ली डील' सामने आई तो अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ दो प्राथमिकी दर्ज की गईं थी। हालांकि, इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई और अपराधी अभी भी फरार हैं।