वैकुंठ एकादशी पर खोला गया मदुरै में तल्लाकुलम पेरुमल मंदिर का परमपद वासल, आम जनता के प्रवेश पर रोक

मदुरै में तल्लाकुलम पेरुमल मंदिर में खोला गया परमपद वासल

गुरुवार सुबह वैकुंठ एकादशी के अवसर पर मदुरै में तल्लाकुलम के पेरुमल मंदिर में परमपद वासल (स्वर्ग का सातवां द्वार) खोल दिया गया है। इस अवसर पर केवल अधिकारियों पुलिस और मंदिर के कर्मचारियों को ही मंदिर के अंदर रहने की अनुमति थी।

मदुरै (तमिलनाडु) एएनआइ। गुरुवार सुबह वैकुंठ एकादशी के अवसर पर तमिलनाडु के मदुरै में तल्लाकुलम के पेरुमल मंदिर में परमपद वासल (स्वर्ग का सातवां द्वार) खोल दिया गया है। आपको बता दें कि इस अवसर पर आम लोगों को मंदिर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं थी। यह आयोजन भक्तों के बिना ही आयोजित किया गया। राज्य में कोरोना के मामलों को देखते हुए प्रतिबंध लगाए गए हैं। इस अवसर पर केवल अधिकारियों, पुलिस और मंदिर के कर्मचारियों को ही मंदिर के अंदर रहने की अनुमति थी। इससे पहले सुबह भगवान नंपेरुमल को रत्नंगी (रत्न जड़ित कवच) में परमपद वासल (स्वर्ग का सातवां द्वार) से होकर गुजारा गया। भगवान नंपेरुमल के परमपद वासल से गुजरने के बाद ही इस द्वार को खोला गया।

क्या है द्वार खोलने की प्रथा

आपको बता दें कि प्रथा के अनुसार हर साल वैकुंठ एकादशी के अवसर पर ही तल्लाकुलम के पेरुमल मंदिर में भगवान नंपेरुमल को रत्नंगी में स्वर्ग के सातवें द्वार से गुजारने के बाद ही भक्तों के लिए इस द्वार को खोला जाता है। इस अवसर पर मंदिर में हजारों की संख्या में भक्तों की भीड़ इकट्ठा होती है, लेकिन इस साल कोरोना महामारी के चलते लोगों के मंदिरों में इकट्ठा होने की अनुमति नहीं दी गई है। वहीं, दूसरी ओर सरकार ने मंगलवार को ही राज्य में त्योहार के अवसर पर मंदिरों में आम जनता के प्रवेश पर रोक लगा दी थी। चन्नेई में पोंगल के त्योहार को देखते हुए 14 से 18 जनवरी तक सभी धार्मिक स्थलों पर आम जनता के प्रवेश पर रोक रहेगी।

पोंगल को देखते हुए कोरोना गाइडलाइंस में बदलाव

गौरतलब हो कि इस बीच 16 जनवरी यानि रविवार को राज्य में पूरी तरह से लाकडाउन रहेगा। संपूर्ण लाकडाउन के तहत रविवार को सिर्फ जरूरी सेवाएं जैसे मेडिकल, किराना आदि खुले रहेंगी। इसके अलावा सभी दुकानों व सेवाओं को स्थगित किया जाएगा। इसके अलावा सोमवार से शनिवार तक रात 10 से सुबह 5 बजे तक लोगों को अपने घरों से बाहर निकलने पर रोक रहेगी। पोंगल के लिए विशेष अंतर जिला बसें 75 प्रतिशत क्षमता के साथ चलेंगी।