उदयपुर के रवि ने बनाई सबसे बड़ी ड्राइंग, इटली के आर्टिस्ट का तोड़ा रिकार्ड

 

उदयपुर के रवि ने बनाई सबसे बड़ी ड्राइंग, इटली के आर्टिस्ट का तोड़ा रिकार्ड। फाइल फोटो

 उदयपुर के फैशन डिजाइनर रवि सोनी ने दुनिया की सबसे बड़ी ड्राइंग बनाकर गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में नाम दर्ज कराया है। रवि ने उदयपुर के महाराणा भूपाल स्टेडियम के बास्केटबाल मैदान पर ड्राइंग बनाई थी।

उदयपुर, संवाद सूत्र। राजस्थान में उदयपुर के फैशन डिजाइनर रवि सोनी ने दुनिया की सबसे बड़ी ड्राइंग बनाकर गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में नाम दर्ज कराया है। रवि ने उदयपुर के महाराणा भूपाल स्टेडियम के बास्केटबाल मैदान पर ड्राइंग बनाई थी। उन्होंने इटली के आर्टिस्ट के रिकार्ड को तोड़ते हुए वर्ल्ड रिकार्ड अपने नाम किया है। रवि ने बताया कि उसने इकोलाजिकल 'बैलेंस ट्री आफ लाइफ' थीम पर अफ्रीकन प्रजाति बाओबाब पेड़ की ड्राइंग बनाई। जो बरगद के पेड़ की तरह दिखता है। इसके लिए उसने 26 नवंबर, 2021 को शाम पांच बजे से ड्राइंग बनाना शुरू किया था और रोजाना करीब पांच घंटे तक काम किया। इस तरह रवि ने 30 नवंबर की शाम तक ड्राइंग पूरी की। 

रवि ने ये रिकार्ड किया अपने नाम

रवि ने 105 फीट लंबी तथा 65 फीट चौड़ाई वाली यानी छह हजार 781 वर्ग फीट की ड्राइंग बनाकर 'वर्ल्ड लार्जेस्ट ड्राइंग बाय एन इंडिविजुअल' का वर्ल्ड रिकार्ड अपने नाम कर लिया। इसे वेबसाइट पर भी अपलोड कर दिया गया है। इससे पहले दुनिया की सबसे बड़ी पेटिंग का रिकार्ड इटली के आर्टिस्ट एफआरए के पास था। जिन्होंने छह हजार 118 वर्ग फीट की ड्राइंग बनाई थी।  रवि का कहना है कि कोरोना काल में आम से खास तक हर कोई मानसिक परेशानी से गुजर रहा है। नेगेटिव माहौल में कला के माध्यम से उन्होंने लोगों को पाजिटिव संदेश देने के लिए यह ड्राइंग बनाई। उन्होंने पिछले साल गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड के लिए एप्लिकेशन दी थी। रवि ने वर्ल्ड रिकार्ड के लिए 11 दिसंबर, 2020 को ही पहला प्रयास किया था, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसका कारण गाइडलाइन के तहत ही काम करना था। दोबारा मेल करने पर रवि को अप्रूवल मिल गया।

मुंबई में फैशन डिजाइनिंग में काम, लाकडाउन लगने के बाद उदयपुर लौटे

रवि सोनी ने बताया कि उन्हें बचपन से ड्राइंग बनाने का शौक था। उन्होंने साल 2001 में फैशन डिजाइनिंग की दुनिया में कदम रखा। इस दौरान मुंबई में रहकर रिलायंस रिटेल, फ्यूचर ग्रुप और अरविंद जैसे बड़े ग्रुपों में काम किया। मार्च, 2020 में कोरोना के चलते पहला लाकडाउन लगा तो वह उदयपुर लौट आए। बचपन के शौक को जुनून में बदला और कई महीने कड़ी मेहनत की। गांधी ग्राउंड में 26 नवंबर को ड्राइंग बनाने के लिए काम शुरू किया। सबसे पहले दिन ग्रेड बनाई, जिससे चित्र को बड़े स्केल पर बनाया जा सके। चित्र बनाने के लिए पेंसिल और मार्कर का प्रयोग किया।