लाल बहादुर शास्त्री पुण्यतिथि : आइए पूर्व प्रधानमंत्री के अनमोल विचारों से सीख लेकर संवारे अपना जीवन

 

लाल बहादुर शास्त्री की आज पुण्यतिथि है (फाइल फोटो)

पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के अनमोल विचारों से उनके संघर्ष दृढ़ निश्चय और बुलंद इरादों की झलक साफ नजर आती है। आइए उनके सर्वश्रेष्ठ विचारों को पढ़ें और इनसे कुछ ना कुछ सीखकर अपने जीवन में लागू करें।

नई दिल्ली, जेएनएन। देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की मंगलवार को 56वीं पुण्यतिथि है। उनकी सादगी आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है। पूर्व प्रधानमंत्री के अनमोल विचारों से उनके संघर्ष, दृढ़ निश्चय और बुलंद इरादों की झलक साफ नजर आती है। आइए उनके सर्वश्रेष्ठ विचारों को पढ़ें और इनसे कुछ ना कुछ सीखकर अपने जीवन में लागू करें।

  • अनुशासन और एकजुट होकर काम करना राष्ट्र के लिए ताकत का असली स्रोत है।
  • हमें शांति के लिए बहादुरी से लड़ना चाहिए जैसे हम युद्ध में लड़े थे।
  • यह अत्यंत खेद की बात है कि आज परमाणु ऊर्जा का उपयोग परमाणु हथियार बनाने के लिए किया जा रहा है।
  • शासन का मूल विचार, समाज को एक साथ रखना है ताकि यह विकसित हो सके और कुछ लक्ष्यों की ओर अग्रसर हो सके।
  • सच्चा लोकतंत्र या जनता का स्वराज असत्य और हिंसक साधनों से कभी नहीं आ सकता!
  • मैं उतना सरल नहीं हू जितना मैं दिखता हूं।
  • हम न केवल अपने लिए बल्कि पूरी दुनिया के लोगों के लिए शांति और शांतिपूर्ण विकास में विश्वास रखते हैं।
  • हमारे लिए हमारी ताकत और स्थिरता के लिए हमारे लोगों की एकता और एकजुटता के निर्माण के कार्य से अधिक महत्वपूर्ण कोई नहीं है।
  • स्वतंत्रता की रक्षा करना केवल सैनिकों का कार्य नहीं है। पूरे देश को मजबूत होना है।
  • आर्थिक मुद्दे हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण हैं और यह सबसे महत्वपूर्ण है कि हमें अपने सबसे बड़े दुश्मनों - गरीबी, बेरोजगारी से लड़ना चाहिए।
  • विज्ञान और वैज्ञानिक कार्यों में सफलता असीमित या बड़े संसाधनों के प्रावधान से नहीं बल्कि समस्याओं और उद्देश्यों के बुद्धिमान और सावधानीपूर्वक चयन से मिलती है। सबसे बढ़कर, जो आवश्यक है वह है कड़ी मेहनत और समर्पण।
  • देश के प्रति वह निष्ठा अन्य सभी निष्ठाओं से आगे आती है। और यह पूर्ण निष्ठा है क्योंकि कोई इसे प्राप्त करने के संदर्भ में नहीं तौल सकता है।
  • अब हमें शांति के लिए उसी साहस और दृढ़ संकल्प के साथ लड़ना है, जैसा कि हमने आक्रमण के खिलाफ लड़ा था।