कंपनी के ब्रांड एंबेसडर विराट कोहली, कंपनी का डायरेक्टर अदालत में बोला आय का कोई स्त्रोत नहीं, पढ़िए क्या है पूरा मामला?

 

निचली अदालत के आदेश के अनुसार गुजारा भत्ता देने का निर्देश दिया है।

याचिकाकर्ता ने निचली अदालत के आदेश के खिलाफ याचिका लगाते हुए कहा था कि वह गुजारा भत्ता देने में सक्षम नहीं है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अनुज अग्रवाल निचली अदालत के उस आदेश के खिलाफ एक व्यक्ति की याचिका पर सुनवाई कर रहे थे।

नई दिल्ली, संवाददाता। पत्नी को गुजारा भत्ता देने से इन्कार करने वाली याचिका को साकेत कोर्ट ने खारिज करते हुए याचिकाकर्ता को फटकार लगाई। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को निचली अदालत के आदेश के अनुसार गुजारा भत्ता देने का निर्देश दिया है।

याचिकाकर्ता ने निचली अदालत के आदेश के खिलाफ याचिका लगाते हुए कहा था कि वह गुजारा भत्ता देने में सक्षम नहीं है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अनुज अग्रवाल निचली अदालत के उस आदेश के खिलाफ एक व्यक्ति की याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें उसने अपनी अलग पत्नी को 30 हजार रुपये के गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया था।

उस व्यक्ति ने निचली अदालत के आदेश को यह कहते हुए चुनौती दी थी कि उसके पास आय का कोई स्त्रोत नहीं है। अदालत में सामने आया कि याचिकाकर्ता उस कंपनी में निदेशक है जिसके ब्रांड एंबेसडर विराट कोहली हैं। कोर्ट ने कहा कि एक हानि वाली कंपनी अपने उत्पाद के प्रमोशन के लिए ऐसी हस्ती को लाने की स्थिति में नहीं होती है।

अदालत ने पाया कि व्यक्ति का बड़ा कारोबार था, लेकिन अलग रह रही पत्नी को गुजारा भत्ता देने से बचने के लिए वह खुद को कंगाल बता रहा है। पत्नी ने पुरुष पर घरेलू ¨हसा का आरोप लगाते हुए कहा कि वह अलग रह रही है और उसके पास आय का कोई जरिया नहीं है, वहीं महिला ने बताया कि उसके पति की आमदनी लाखों में है।