बुल्ली बाई एप को किया गया ब्लाक, आइटी मंत्री ने कहा- होगी कार्रवार्इ: जानें क्या है पूरा विवाद

 

100 प्रभावशाली मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरें अपलोड की गई। (फाइल फोटो)

एक विवादास्पद एप पर बिना अनुमति के नीलामी के लिए कम से कम 100 प्रभावशाली मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरें अपलोड की गई हैं। इस बारे में आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि होस्टिंग प्लेटफार्म गिटहब ने यूजर को ब्लाक करने की पुष्टि की है।

नई दिल्ली, प्रेट्र। एक विवादास्पद एप पर बिना अनुमति के नीलामी के लिए कम से कम 100 प्रभावशाली मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरें अपलोड की गई हैं। इस बारे में आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि होस्टिंग प्लेटफार्म गिटहब ने यूजर को ब्लाक करने की पुष्टि की है। सीईआरटी और पुलिस अधिकारी आगे की कार्रवाई का समन्वय कर रहे हैं।

इससे पहले पिछले साल जुलाई महीने में इससे मिलते-जुलते नाम वाला 'सुल्ली डील्स' नाम का एप भी विवादों में घिर गया था। इसे भी गिटहब प्लेट फार्म पर ही बनाया गया था। इस एप पर भी मुस्लिम महिलाओं की फोटो उनके सोशल मीडिया अकाउंट से उठाकर अपलोड कर दी गई थीं। बाद में विवाद के बाद इस एप को हटा दिया गया था। बुल्ली बाई एप भी काफी हद तक सुल्ली बाई एक की तरह ही है। यहां पर भी मुस्लिम महिलाओं की फोटो लगाई गई है। महिलाओं की फोटो के साथ प्राइस टैग भी लिखा हुआ है।

सुल्ली डील पर दर्ज हुई दो एफआइआर, नहीं हुई कार्रवाई

दिल्ली और उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा पिछले साल सुल्ली डील की घटना में मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरों के दुरुपयोग के बाद दो प्राथमिकी दर्ज की गई थी, लेकिन अभी तक अपराधियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। 'बुली बाई' की तरह 'सुली डील्स' को भी गिटहब पर होस्ट किया गया था। शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने शनिवार को दोषियों की गिरफ्तारी सहित कार्रवाई के लिए मुंबई पुलिस और मंत्री अश्विनी वैष्णव को 'बुली बाई' एप को कार्रवाई के लिए कहा है। भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल (सीईआरटी) साइबर सुरक्षा खतरों से निपटने वाली नोडल एजेंसी है। उन्होंने की जा रही कार्रवाई के बारे में विस्तार से नहीं बताया।

केंद्र सरकार करेगी कार्रवाई

केंद्र सरकार ने महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री को नए डिजिटल नियम बनाने के कारणों में से एक के रूप में उद्धृत किया था, जिसमें 24 घंटे के भीतर आपत्तिजनक सामग्री की मेजबानी करने वाले यूजर की पहचान करने के लिए बिचौलियों को बुलाया जाता है। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि इसके लिए क्या वही नियम 'सुल्ली डील' में इस्तेमाल किए गए थे। 'बुली बाई' के मामले में होस्टिंग प्लेटफॉर्म को कार्रवाई करने के लिए यूजर की पहचान करने के लिए लागू किया जा रहा है।

कुछ ऐसा है बुल्ली बाई एप

बुल्ली बाई एप गिटहब नाम के प्लेटफार्म पर मौजूद है। एक यूजर के मुताबिक, जैसे ही आप इसे खोलते हैं सामने एक मुस्लिम महिला का चेहरा आता है, जिसे बुल्ली बाई नाम दिया गया है। टि्वटर पर प्रभावशाली मुस्लिम महिलाओं का नाम इसमें इस्तेमाल किया गया है। उसकी तस्वीर को बुल्ली बाई के तौर पर प्रदर्शित किया गया है। सिर्फ इतना ही नहीं, ऐसे ही नाम वाले एक टि्वटर हैंडल से इसे प्रमोट किया जा रहा है। इस टि्वटर हैंडल पर खाली सपोर्टर की फोटो लगी है और लिखा है कि इस एप के जरिए मुस्लिम महिलाओं को बुक किया जा सकता है।

गिटहब क्या है?

एक रिपोर्ट के मुताबिक गिटहब एक ओपन-सोर्स प्लेटफार्म है। यह यूजर्स को एप्स क्रिएट करने और उन्हें शेयर करने की सुविधा देता है। गिटहब पर कोई भी व्यक्तिगत या प्रशासनिक नाम से एप बना सकता है। इसके साथ ही आप गिटहब मार्केटप्लेस पर अपना एप शेयर करने के साथ बेच भी सकते हैं।