असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने दिए संकेत, अफ्सपा को लेकर इस साल सकारात्मक बदलाव की उम्मीद

 अब मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद कयास लगाए जाने शुरू हो गए हैं। (ANI)


नागालैंड के मोन जिले में सुरक्षाबलों की कार्रवाई में आम नागरिकों की जान जाने के बाद से पूर्वोत्तर राज्यों से अफ्सपा को हटाए जाने की मांग उठने लगी है। अब मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद कयास लगाए जाने शुरू हो गए हैं।

गुवाहाटी, एएनआइ। सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम को निरस्त करने की मांग के बीच असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा  ने शनिवार को कहा कि इस साल AFSPA को लेकर कुछ सकारात्मक घटनाक्रम हो सकते हैं। बता दें कि नगालैंड के मोन जिले में सुरक्षाबलों की कार्रवाई में आम नागरिकों की जान जाने के बाद से पूर्वोत्तर राज्यों से अफ्सपा को हटाए जाने की मांग उठने लगी है। अब मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद कयास लगाए जाने शुरू हो गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अफ्सपा के सिलसिले में पड़ोसी नगालैंड में जल्द ही कुछ सकारात्मक घटनाक्रम होंगे। इस राज्य में भी अफ्सपा लागू है। उन्होंने कहा कि उग्रवाद के कमजोर पड़ने के चलते असम के पांच-छह जिलों को छोड़कर राज्य से सेना हटा ली गई है अब इस साल अफ्सपा की समीक्षा की जाएगी और तब राज्य सरकार कोई व्यवहारिक निर्णय लेगी।

नगालैंड में अफ्सपा पर सरमा ने कहा कि केंद्र ने एक पैनल बनाया है जो 45 दिनों में रिपोर्ट सौंपेगा। उन्होंने कहा कि वे रिपोर्ट के बाद सकारात्मक विकास की उम्मीद करते हैं। इससे पहले पिछले साल 30 दिसंबर को केंद्र ने नगालैंड में सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम, 1958 या अफ्सपा को छह महीने के लिए और बढ़ा दिया था, जिसमें उल्लेख किया गया था कि राज्य ऐसी अशांत और खतरनाक स्थिति में है कि सहायता में सशस्त्र बलों का उपयोग नागरिक शक्ति की आवश्यकता है।

सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम (AFSPA), 1958 अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड और त्रिपुरा के क्षेत्रों में सशस्त्र बलों के एक सदस्य को कुछ विशेष शक्तियां प्रदान करता है। शक्तियों को जम्मू और कश्मीर में तैनात बलों के लिए भी बढ़ाया गया था।