मुरादाबाद में दोहराई जा रही दंगल फिल्म की कहानी, एक पिता अपनी दो बेटियों के लिए बुन रहा ओलंपिक पदक के सपने

 

Wrestler real sisters in Moradabad : कुश्ती पहलवान सगी बहनें पहलवान पिता करतार सिंह से गांव में सीखती हैं कुश्ती

 पहलवान पिता और दो पहलवान बेटियों का किरदार दंगल फिल्म जैसा ही है। कांठ रोड स्थित लदावली गांव के पहलवान करतार सिंह अपनी दोनों बेटियों को कुश्ती सिखाते हैं। मुस्कान और राशिका कसाना पहलवान पिता करतार सिंह से कुश्ती सीख रही हैं।

मुरादाबाद : पहलवान पिता और दो पहलवान बेटियों का किरदार दंगल फिल्म जैसा ही है। कांठ रोड स्थित लदावली गांव के पहलवान करतार सिंह अपनी दोनों बेटियों को कुश्ती सिखाते हैं। पहलवान पिता के साथ अखाड़े में कुश्ती का प्रशिक्षण लेने वाली दोनों सगी बहनें इस मिथक को तोड़ने में जुटी हैं कि कुश्ती पुरुषों का खेल है और पिता के सपने को बेटा ही पूरा कर सकता है। 17 साल की मुस्कान कसाना और 13 साल की राशिका कसाना पहलवान पिता करतार सिंह से कुश्ती सीख रही हैं।

दोनों बहने 25 से 27 नवंबर 2021 में राजस्थान के जयपुर में थर्ड नेशनल गेम में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। मुरादाबाद में 25 से 27 फरवरी 2021 में राज्य स्तरीय और इससे पहले 2020 में मेरठ में भी कुश्ती खेल चुकी हैं। अब जनवरी 2022 में थाईलैंड में अंतरराष्ट्रीय कुश्ती में भी खेलने को दोनों बेटियों के नाम चयनियत हो चुके हैं। लेकिन, कोरोना के कारण यह रद हो सकती है। मुस्कान व राशिका कुश्ती खिलाड़ी के साथ-साथ शहर के नामचीन शिरडी साईं पब्लिक स्कूल में क्रमश: 11वीं व आठवीं की छात्रा हैं। पहलवान पिता करतार सिंह भी प्राइमरी विद्यालय सीकरी, छजलैट में शिक्षक हैं।

पिता और दोनों बेटियों की दिनचर्या बहुत कठिन है। लेकिन, जिन बेटियों का सपना ओलंपिक तक पहुंचने का हो, उन्हें पिता की मेहनत और अपनी तपस्या पर पूरा विश्वास है कि ओलंपिक में एक दिन खेलेंगी। दोनों बहनें पिता के साथ सुबह पांच बजे से दौड़ लगाती हैं फिर व्यायाम करती हैं। पिता करतार सिंह गांव लदावली में अपने ही अखाड़े में शाम को दोनों को कुश्ती सिखाते हैं। दोनों कामनवेल्थ गेम की कुश्ती चैंपियन गीता फोगाट की राह पर हैं। बता दें कि दंगल फिल्म हरियाणा के एक गांव से महावीर सिंह फोगाट का रोल आमिर खान ने निभाया है। फिल्म में दिखाया गया कि महावीर सिंह (आमिर खान) तब प्रभावित हुए जब उनकी दो बेटियां एक लड़के को बुरी तरह पीटकर आती हैं। उस दिन से आमिर खान ने बेटियों कुश्ती सिखाने का प्रण लिया। दो सगी बहनों की कुश्ती के ईदगिर्द यह फिल्म थी।

करतार सिंह भी पांच बार रुविवि में रहे चुके कुश्ती चैंपियन : लदावली निवासी पहलवान भी एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय स्तर की कुश्ती में पांच बार लगातार चैंपियन रह चुके हैं। राष्ट्रीय स्तर पर 12 स्वर्ण पदक जीतने वाले पहलवान करतार सिंह कहते हैं कि दोनों बेटियों को भी ओलंपिक में भारत के लिए खेलते हुए देखना चाहते हैं। इसीलिए नियमित तरीके से उनको कुश्ती के टिप्स दे रहे हैं। गांव में कुश्ती को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने करतार पहलवान स्पोटर्स अकादमी खोली है।